Bilaspur News: बेंगलुरु में बसे हिमाचलवासियों ने बड़े उत्साह और गर्व के साथ ‘हिमाचली संगम 2025’ का भव्य आयोजन किया. हिमाचली इन बेंगलुरु (H.I.B.) संस्था द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 1200 परिवारों ने हिस्सा लिया और पहाड़ों की संस्कृति, परंपरा व एकता का अद्भुत प्रदर्शन किया. इस कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक स्वागत और दीप प्रज्वलन के साथ हुई. इसके बाद मंच पर हिमाचली लोकनृत्य, लोकगीत और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया. पारंपरिक पोशाकों में सजे कलाकारों ने पूरे वातावरण को हिमाचली रंग में रंग दिया.
1200 लोगों की सामूहिक नाटी बना मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण रहा भव्य सामूहिक नाटी. ढोल-नगाड़ों की थाप पर 1200 से अधिक लोगों ने मिलकर नाटी प्रस्तुत की, जो हिमाचल की एकता, उल्लास और सांस्कृतिक पहचान की प्रतीक बनकर गूंजी. सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद मंच पर ‘श्री हिमाचल इन बेंगलुरु’ और ‘सुश्री हिमाचल इन बेंगलुरु’ प्रतियोगिताएँ आयोजित हुईं. पारंपरिक परिधानों, आत्मविश्वास और प्रस्तुति के आधार पर देवांशु शर्मा को श्री हिमाचल और नीना चंदेल को सुश्री हिमाचल का खिताब मिला। इस कार्यक्रम के समापन पर पारंपरिक हिमाचली धाम परोसा गया. इस बार धाम की विशेषता रही कि इसे बनाने के लिए हमीरपुर जिले की महिलाओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने बेंगलुरु में असली पहाड़ी स्वाद परोसा. धाम के स्वाद और सुगंध ने सभी को अपने घर-गांव की याद दिला दी।
मुख्यमंत्री सुक्खू का वीडियो संदेश
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीडियो संदेश भेजकर बेंगलुरु में बसे सभी हिमाचलियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि देश-विदेश में रहने वाले हिमाचली जब अपनी संस्कृति और परंपराओं को संजोए रखते हैं, तो यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है.





