शिमला: हिमाचल प्रदेश में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत आज जल शक्ति विभाग और ग्रामीण विकास विभाग, हिमाचल प्रदेश के बीच फीकल स्लज के उपचार के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता राज्य में अपशिष्ट जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने तथा जल स्रोतों के प्रदूषण को रोकने की दिशा में एक अहम कदम है।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में फीकल स्लज प्रबंधन की चुनौतियों से निपटने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश के अधिकांश ग्रामीण घरों में सिंगल पिट शौचालय बनाए गए हैं, जिनके भर जाने से पर्यावरण के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसके अतिरिक्त, हिमाचल प्रदेश एक प्रमुख पर्यटन राज्य होने के कारण यहां पर्यटकों, श्रमिकों तथा अन्य अस्थायी जनसंख्या के कारण शौचालय पिट में ओवर फ्लो हो जाता है और इन्हें खुले क्षेत्र में खाली किया जाता है। इससे नदियों, नालों और तालाबों का जल प्रदूषित होता है जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी खतरे उत्पन्न होते हैं।





