लाइव हिमाचल/मंडी : हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में शिकारी माता के दर्शनों के लिए गया परिवार जंगल में रास्ता भटक गया. छोटे छोटे बच्चों के साथ नौ लोगों का परिवार रात भर जंगल में ही रहा और ठंड में परिवार की जान पर बन आई थी. लेकिन इस बीच राज्य आपदा प्रबंधन के जवानों ने सभी को ढंडा और सुरक्षित बचाया। जानकारी के अनुसार, मंडी के सुंदरनगर के नेरचौक के डडोर के रहने वाले जंजैहली स्कूल के सेवानिवृत्त प्रिंसिपल राजेंद्र कुमार अपने परिवार के साथ शिकारी देवी गए थे. इस दौरान वह 23 अक्टूबर को जंजैहली में एक होम स्टे में रुके. इस दौरान गुरुवार को परिवार शिकारी देवी मंदिर के दर्शन निकला. इनके साथ एक स्थानीय युवती भी थी, जो कि पैदल रास्तों से भांति परिचित थी. जानकारी के अनुसार, मंडी के सुंदरनगर के नेरचौक के डडोर के रहने वाले जंजैहली स्कूल के सेवानिवृत्त प्रिंसिपल राजेंद्र कुमार अपने परिवार के साथ शिकारी देवी गए थे. इस दौरान वह 23 अक्टूबर को जंजैहली में एक होम स्टे में रुके. इस दौरान गुरुवार को परिवार शिकारी देवी मंदिर के दर्शन निकला. इनके साथ एक स्थानीय युवती भी थी, जो कि पैदल रास्तों से भांति परिचित थी। वापसी में उन्होंने जंगल के पैदल रास्ते से बूढ़ा केदार जाने का फैसला लिया. लेकिन बीच रास्ते में भारी बारिश और कोहरा होने की वजह से रास्ता भटक गए. शाम करीब 5 बजे होम स्टे मालिक ने राजेंद्र कुमार को फोन किया और पता चला कि वे रास्ता भटक गए हैं. बाद में फोन आउट ऑफ रेंज हो गया. देर रात तक जब वे वापस नहीं लौटे, तो होम स्टे संचालक ने ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी।





