लाइव हिमाचल/सोलन: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने बयान जारी करते हुए कहां कि सोलन जिले के दाड़लाघाट में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कार्यक्रम के दौरान लंच न मिलने पर आवाज उठाने वाली छात्राओं पर एफआईआर दर्ज करना कांग्रेस सरकार की तानाशाही प्रवृत्ति को दर्शाता है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस कृत्य की कड़ी निंदा करती है।इस कार्यक्रम में आम जनमानस एवं छात्राओं को आमंत्रित कर, लंबे समय तक भूखा बैठाकर जब उन्होंने अपनी आवाज उठाई, तो उनके विरुद्ध मामला दर्ज कर देना लोकतांत्रिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन है। यह कार्य शिक्षा विरोधी मानसिकता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार का प्रतीक है। प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने कहां कि कहा जा रहा है कि छात्राओं को कार्यक्रम में बुलाया ही नहीं गया था, लेकिन वीडियो में स्पष्ट रूप से वे स्काउट एंड गाइड की ड्रेस में दिख रही हैं और उनके अध्यापक भी मौजूद थे। ऐसे में यह दावा सरासर गलत प्रतीत होता है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदि उन्हें बुलाया नहीं गया था, तो वे आधिकारिक ड्रेस में वहां कैसे पहुंचीं? भारत की परंपरा “अतिथि देवो भव” रही है, परंतु इस सरकार ने अतिथियों का अपमान कर लोकतंत्र के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। भीड़ जुटाने के लिए जनता को बुलाना और फिर उनकी उपेक्षा करना किसी लोकतांत्रिक शासन का परिचायक नहीं है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि छात्राओं पर दर्ज की गई एफआईआर को तत्काल निरस्त किया जाए तथा इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। अभाविप छात्र हितों की आवाज है, और जब भी छात्राओं की आवाज दबाने का प्रयास होगा, विद्यार्थी परिषद सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।





