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आरटीजीएस के माध्यम से खाते से काट लिए 2 लाख रुपये, दो साल बाद उपभोक्ता को आयोग से मिली राहत…

धर्मशाला: आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रास सेटलमेंट) के माध्यम से बैंक खाते से पैसे काटे जाने को लेकर एसबीआई को दो लाख रुपये उपभोक्ता को देने होंगे। यह राशि शिकायत की तिथि से वसूली तक 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित देनी होगी। इसके अतिरिक्त बैंक प्रबंधन को शिकायतकर्ता को 25,000 रुपये का मुआवज़ा और 15,000 रुपये की मुकदमेबाजी लागत भी देनी होगी। उपभाेक्ता आयोग के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा व सदस्य आरती सूद द्वारा यह फैसला सुनाया गया है।जानकारी के मुताबिक वीरेंद्र सिंह गुलेरिया निवासी बरियाल तहसील नगरोटा सूरियां का भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा ने प्रबंधक के माध्यम से बैंक खाता खोलकर उसे अपना ग्राहक बनाया। वीरेंद्र सिंह ने इस खाते में अपनी जमा पूंजी जमा करवाई। इस दौरान 19 जून 2023 को वीरेंद्र सिंह को उसके फ़ोन पर एसएमएस के माध्यम से एक संदेश प्राप्त हुआ कि उनके खाते से आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रास सेटलमेंट) के माध्यम से दो लाख रुपये रुपये की राशि काट ली गई है। यह संदेश मिलने पर वह तुरंत अपने निकटतम भारतीय स्टेट बैंक शाखा में गया जो कि बैंगलुरू में एसबीआई उलसूर है। वहां पर उन्होने यह जानकारी वहां के एसबीआई प्रबंधक को दी। इसके बाद एसबीआई उलसूर के प्रबंधक ने शिकायतकर्ता की उपयोगकर्ता आइडी को ब्लाक कर दिया। वीरेंद्र सिंह ने उसी दिन इस मामले को लेकर एक शिकायत साइबर अपराध शाखा को भी दे दी व एसबीआई ग्राहक सेवा को भी यही मामला रिपोर्ट किया। इसके अगले दिन उपभोक्ता को उपरोक्त आरटीजीएस लेनदेन का पूरा विवरण पता चला, जिसमें उसने पाया कि उसके खाते के दो लाख रुपये की राशि 19 जून 2023 को सुबह 10:27 बजे एक्सिस बैंक रायगंज बंगाल में किसी एक महिला के खाते में स्थानांतरित कर दी गई थी।

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