Charlie Kirk Killed: अमेरिका के यूटा में कंजर्वेटिव एक्टिविस्ट चार्ली किर्क की रैली के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मौत की पुष्टि की. वह डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी लोगों में से माने जाते हैं और दक्षिणपंथी राजनीति का प्रमुख चेहरा हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर करीब 12 बजे किर्क छात्रों के सवालों का जवाब दे रहे थे, तभी अचानक गोली चलने की आवाज आई और वे मंच पर गिर पड़े. उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. चार्ली किर्क अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेहद खास लोगों में से एक थे. डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर उनकी मौत की पुष्टि की. वहीं, यूटा के गवर्नर स्पेंसर कॉक्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया और कहा कि जिम्मेदार लोगों को हर हाल में सजा मिलेगी. उन्होंने राज्यभर में अमेरिकी और यूटा के झंडों को रविवार, 14 सितंबर तक आधा झुकाने का आदेश भी दिया है. घटना के तुरंत बाद SWAT टीम, ATF पुलिस और अन्य एजेंसियों ने UVU कैंपस को लॉकडाउन कर तलाशी अभियान चलाया. शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया था कि पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा है, लेकिन बाद में अधिकारियों ने साफ किया कि असली हमलावर अभी फरार है।
दोस्त की हत्या से दुखी हैं ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप अपने दोस्त चार्ली की हत्या से दुखी हैं. उन्होंने इस घटना के लिए रेडिकल लेफ्ट को जिम्मेदार ठहराया है. ट्रंप ने वीडियो मैसेज शेयर कर कर्क की हत्या को जघन्य अपराध और अमेरिका के लिए ब्लैक डे बताते हुए कहा कि कर्क सच्चे देशभक्ते थे, जो युवाओं के बीच लोकप्रिय थे और खुले दृष्टिकोण के साथ बहस करते थे। उन्होंने कहा कि चार्ली ने लाखों लोगों को प्रेरित किया और जो लोग उन्हें जानते थे और प्यार करते थे. वे सभी सदमें में हैं. ट्रंप ने कर्क की हत्या के लिए रेडिकल लेफ्ट की बयानबाजी को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि वर्षों से, रेडिकल लेफ्ट ने चार्ली जैसे शानदार अमेरिकियों की तुलना नाजियों और दुनिया के सबसे खराब हत्यारों और अपराधियों से की है. इस तरह की बयानबाजी आज हमारे देश में दिख रही आतंकवाद के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है और इसे अभी रोकना होगा.
शूटर को अमेरिका में डॉर टू डॉर ढूंढा जा रहा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपने दोस्त की हत्या से बेहद दुखी हैं. उन्होंने शूटर को पकड़ने के लिए जमीन और आसमान एक कर देने की बात कही है. इसके लिए डॉर टू डॉर तलाशी अभियान भी शुरू किया गया है लेकिन अभी तक किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है. इससे पहले एक संदिग्ध को जरूर पुलिस ने डिटेन किया था, जिससे पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।





