Home » ताजा खबरें » जिंदा तो छोड़िए, हड्डी भी नहीं मिलेगी…हिमाचल की सबसे खतरनाक सड़क से गुजरे केंद्रीय मंत्री तो रह गए दंग…

जिंदा तो छोड़िए, हड्डी भी नहीं मिलेगी…हिमाचल की सबसे खतरनाक सड़क से गुजरे केंद्रीय मंत्री तो रह गए दंग…

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लाइव हिमाचल/शिमला : मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री किरेन रिजिजू इन दिनों हिमाचल प्रदेश के दौरे पर हैं. वह शिमला, किन्नौर और लाहौल स्पीति जा रहे हैं. बुधवार को शिमला के बाद गुरुवार को किन्नौर दौरे पर निकले. इस दौरान किन्नौर की तरंडा ढांक (क्लिफहैंगर) से किरेन रिजजु का काफिला गुजरा तो वह हैरान रह गए. इस दौरान उन्होंने  यहां का वीडियो भी शेयर किया. गाड़ी में मौजूद शख्स से बातचीत में मंत्री किरने रिजजू कहते हैं कि अगर यहां पर कोई गाड़ी सड़क से गिर जाए तो हड्डी भी नहीं मिलेगी. इस पर दूसरी ओर से शख्स कहता है कि यहां पर जब कोई गाड़ी खाई में गिर जाती तो उसकी रिकवरी भी नहीं हो पाती है. अपने किन्नौर प्रवास के दौरान गुरुवार को शिमला के रामपुर के झाखड़ी से किन्नौर तक नेशनल हाईवे-05 की खड़ी और जोखिम भरी ढलानों को देखकर रिजिजू हैरान रह गए. उन्होंने इस अनुभव का एक वीडियो भी अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में रिजिजू कह रहे हैं, “यह इतना भयानक है… अगर यहां से स्लिप होकर गिर गए तो जिंदा तो छोड़िए, हड्डी भी नहीं मिलेगी. यह दृश्य झाखड़ी से आगे किन्नौर की ओर जाते हुए उस हिस्से का है, जहां पहाड़ की 80 से 90 डिग्री खड़ी ढलानों को काटकर सड़क बनाई गई है. इन सड़कों की खतरनाक स्थिति कई बार हादसों का कारण बन चुकी है. बता दें कि किरेन रिजिजू गुरुवार को दोपहर बाद शिमला से रवाना हुए थे और किन्नौर जिले में विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ करने वाले हैं. उनका यह दौरा तीन दिनों का है. गुरुवार देर शाम वह किन्नौर में पहुंचे, जहां पर भाजपा नेता सूरत नेगी ने उनका स्वागत किया. गौरतलब है कि नेशनल हाईवे-05 हिमाचल प्रदेश और चीन प्रशासित तिब्बत तक जाता है. इस सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर राजबहादुर ने किया था.यहां पर बड़ी बड़ी चट्टानों को काटकर सड़क बनाई गई थी. इंजीनियर राजबहादुर जन्म देहरादून के झंडा मोहल्ला में केदार सिंह और हेमावती देवी के घर हुआ था. राजबहादुर दो भाई-बहन थे. हिमाचल के चंबा से भी उनका नाता है और यहां चंबा के बकलोह कैंट से उन्होंने शादी की थी. इंजीनियर राजबहादुर सिंह के तीन बेटे हैं. बड़ा बेटा अजय ठाकुर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बैंक से मैनेजर रिटायर्ड है. छोटा बेटा सूबेदार भुवनेश्वर सिंह ठाकुर सेना से रिटायर्ड है और चंबा में रहते हैं. इसके अलावा, दूसरा बेटा संजय ठाकुर भी आर्मी में थे और उनकी मृत्यु हो चुकी है. राजबहादुर का ननिहाल सिरमौर के नाहन में है।

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