
Himachal Prdaesh News: हिमाचल प्रदेश में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. 29 अप्रैल से राज्य में सभी व्यावसायिक वाहनों—जैसे बसें, टैक्सियां और टेंपो ट्रैवलर—में डस्टबिन रखना अनिवार्य कर दिया गया है. इस नियम का उल्लंघन करने पर 30 अप्रैल से ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा. पर्यटन सीजन में हिमाचल में हर साल 1.5 से 2 करोड़ पर्यटक आते हैं, जिनमें से कई लग्जरी बसों और टैक्सियों का इस्तेमाल करते हैं. अक्सर देखा गया है कि वाहन चालकों द्वारा कूड़ा सड़कों के किनारे फेंका जाता है. अब सरकार ने इस पर सख्ती करते हुए “हिमाचल प्रदेश नॉन-बायोडिग्रेडेबल गारबेज कंट्रोल एक्ट” के तहत दंड का प्रावधान किया है. एचआरटीसी (हिमाचल पथ परिवहन निगम) ने भी इस दिशा में कदम उठाते हुए अपनी बसों में डस्टबिन लगाना शुरू कर दिया है. बसों के दरवाजे के पास डस्टबिन लगाए जा रहे हैं, और चालकों व परिचालकों को यात्रियों को कूड़ा इधर-उधर न फेंकने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बसों के डस्टबिन केवल बस अड्डों पर लगे बड़े कूड़ादानों में ही खाली किए जाएं. यदि कोई यात्री या चालक सड़क पर कूड़ा फेंकता है तो उस पर ₹1,500 का जुर्माना लगाया जाएगा। एचआरटीसी की 3180 बसों में यह व्यवस्था चरणबद्ध ढंग से लागू की जाएगी।





