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सीएम ने बजट में घोषणा की कि बागवानी के लिए 4000 हेक्टेयर के लिए सर्वे किया जाएगा। एचपी शिवा परियोजना के तहत 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मछुआरों से सिर्फ 7.50 प्रतिशत रायल्टी ली जाएगी। 120 नई ट्राउट इकाइयों को स्थापित किया जाएगा।
प्राकृतिक मक्की का न्यूनतम समर्थन मूल्य 30 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये किया है। प्राकृतिक गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 40 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये किया गया। हमीरपुर में स्पाइस पार्क बनेगा। हल्दी उगाने पर 10 क्विंटल पर सरकार 90 हजार रुपये देगी । ऊना में आलू प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित होगा। पूर्व यूपीए सरकार में नादौन की बड़ा पंचायत में स्पाइस पार्क का शिलान्यास किया गया था। भाजपा सरकार ने केंद्र में सत्ता संभालने के बाद इस स्पाइस पार्क को रद्द कर दिया था। अब राज्य सरकार खुद इस स्पाइस पार्क को बनाएगी। ऊना में सबसे ज्यादा आलू होता है। 100 गांवों में सिंचाई योजनाएं बनेंगी।
ग्रीन स्टेट बनाने की दिशा में पर्यटन को भी शामिल किया जाएगा। धार्मिक पर्यटन, चाय पर्यटन व अनछुए क्षेत्रों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। इससे हजारों रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। पशुपालकों को मिलने वाली सारी जानकारी एसएमएस के माध्यम से फोन पर उपलब्ध होगी।
1,58,785 किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रमाणित किया गया है। प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में आठ पेंशन योजनाएं चल रही हैं। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना में अन्य जिलों के बच्चों को भी शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा जाएगा।
‘प्रति व्यक्ति आय में 9.6 प्रतिशत बढ़ोतरी’
सीएम सुक्खू ने कहा कि पिछली सरकार से 76,185 करोड़ रुपये का लोन वर्तमान सरकार को विरासत में मिला। इसके चलते बड़ी राशि इसके ब्याज को चुकाने में चली गई। कृषि व संबंद्ध क्षेत्र में 3.38 प्रतिशत की वृद्धि संभावित है। प्रति व्यक्ति आय में 9.6 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।
सीएम ने कहा कि बिजली पर दी जाने वाली सब्सिडी का भी युक्तिकरण किया गया है। आबकारी नीति में बदलाव से वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजस्व में 300 करोड़ की वृद्धि होने की संभावना है। उपकर के माध्यम से भी आय बढ़ाने का प्रयास किया। शराब पर उपकर से अतिरिक्त आय प्राप्त की।
वर्ष 2023 में मानसून में प्रदेश को भारी तबाही का सामना करना पड़ा। राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से 4500 हजार करोड़ का आपदा राहत पैकेज दिया। आशा है कि केंद्र सरकार भी आपदा राहत राशि प्रदेश को शीघ्र जारी करेगी।
सीएम ने शेर पढ़कर शुरू किया बजट भाषण
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश कर रहे हैं। सीएम अपनी आल्टो कार को खुद चलाकर विधानसभा पहुंचे। मुख्यमंत्री ने शेर पढ़कर बजट भाषण की शुरूआत की। सत्ता पक्ष के विधायकों ने मेज थपथपाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बजट अनुमानों की शुरुआत में शेर पढ़ा कि न गिराया किसी को, कभी न किसी को उछाला, जहां आप पहुंचे छलांगें लगा-लगाकर, मैं भी वहां पहुंचा धीरे-धीरे।
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए पर्यटन कारोबारी बजट में प्रचार-प्रसार के लिए अलग से बजट प्रावधान की व्यवस्था चाहते हैं। पर्यटन कारोबारियों का मनाना है कि देश के अन्य पर्यटन राज्यों के मुकाबले हिमाचल अपने पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार में पिछड़ा है। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अलावा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रचार के लिए विशेष नीति की भी मांग उठाई जा रही है। पड़ोसी राज्यों कश्मीर और उत्तराखंड ने पर्यटन के प्रचार-प्रसार के लिए डिजिटल माध्यम अपनाए हैं। डिजिटल मीडिया पर पर्यटन स्थलों को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
भाजपा ने किया प्रदर्शन
वहीं बजट अनुमान 2025-26 प्रस्तुत करने करने के लिए विधानसभा पहुंचने से पहले भाजपा विधायक दल ने विधानसभा परिसर में कानून व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन किया।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बजट अनुमान 2025-26 प्रस्तुत करने के लिए ऑल्टो कार से विधानसभा पहुंचे। बीते साल भी बजट पेश करने के लिए सीएम अपनी कार में पहुंचे थे। ओकओवर से खुद कार चलाकर विधानसभा पहुंचे। मंत्री-विधायक भी माैजूद रहे।

सुक्खू ने अपने कार्यकाल का पहला बजट 17 मार्च 2023 को पेश किया था। दूसरा बजट 17 फरवरी 2024 और अब तीसरा बजट भी वह आज यानि 17 मार्च को ही पढ़ेंगे।





