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होम स्टे संचालकों के लिए राहत, होम स्टे रूल्स दोबारा होंगे संशोधित, सीएम सुक्खू के आदेश

शिमला: हिमाचल में हजारों होम स्टे संचालकों के लिए राहत भरी खबर है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने होम स्टे चलाने वालों की सुविधा को देखते हुए पर्यटन विभाग को नए सिरे से नियम तय करने के आदेश दिए हैं. जिसमें होम स्टे के लिए गठित कमेटी की सिफारिशों के बाद नियमों में किए गए संशोधनों में बदलाव करने को कहा गया है. पर्यटन विभाग ने होम स्टे संशोधन को लेकर नया ड्राफ्ट नोटिफाई कर दिया था, लेकिन संचालकों को इसमें ऐसी खामियां नजर आ रही हैं, जिससे भविष्य में होम स्टे बंद करने की नौबत तक आ सकती है. ऐसे में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटन विभाग को होम स्टे रूल्स को दोबारा से मॉडिफाई करने के निर्देश दिए हैं. जिसमें ये भी कहा गया है कि ड्राफ्ट को लेकर होम स्टे संचालकों से फीडबैक मिलने के बाद ही उसे नोटिफाई किया जाए. जिससे उन्हें भविष्य में नुकसान न उठाना पड़े. हिमाचल में होम स्टे को लेकर नियमों में किए गए संशोधन को लेकर संचालकों ने अपनी आपत्ति जताई है. नए संशोधन में शहरी क्षेत्रों में होम स्टे पंजीकरण शुल्क को बढ़ाकर 12 हजार किया गया है. वहीं, होम स्टे चलाने वालों को व्यावसायिक दर पर बिजली और पानी देने का भी फैसला लिया गया है. इसी तरह से जीएसटी नंबर को अनिवार्य किया गया है. ऐसे में होम स्टे संचालकों ने होम स्टे पंजीकरण और नवीनीकरण शुल्क में पंचायती क्षेत्रों के लिए 50 फीसदी छूट देने, घरेलू दरों पर बिजली-पानी, जीएसटी नंबर की अनिवार्यता लागू न करने, नगर निगम और नगर परिषद से बाहर पंचायती क्षेत्रों के एनएच और फोरलेन के किनारे 50 मीटर क्षेत्र को शहरी क्षेत्र की श्रेणी में न रखे जाने और भवन संरचना स्थिरता प्रमाणपत्र की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की है. इसी तरह से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक समान मानकों पर आपत्ति जताई गई है. ऐसे में होम स्टे संचालकों के हितों को देखते हुए अब नियमों में बदलाव के आदेश जारी किए गए हैं. हिमाचल प्रदेश में बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकल्प के तौर पर होम स्टे खोलने की योजना शुरू की थी. ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए साल 2008 में होम स्टे, बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयां खोले जाने की योजना लागू की थी. इसके बाद कुल्लू, लाहौल-स्पीति व शिमला में बड़ी संख्या में होम स्टे खुले हैं. प्रदेश भर में कुल 4289 होम स्टे हैं, जिसमें कुल 17,222 कमरे हैं. इनकी बेड कैपेसिटी 26,727 है. सबसे ज्यादा होम स्टे कुल्लू में हैं. यहां 1040 होम स्टे चल रहे हैं. इसके बाद दूसरे नंबर पर शिमला में 805 होम स्टे हैं. इसी तरह से लाहौल-स्पीति में 718 होम स्टे खोले गए हैं. प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में होम स्टे की संख्या 431 है. सोलन में कुल 328 होम स्टे स्थापित हो चुके हैं. चंबा में 322, मंडी में 241, किन्नौर में 202, सिरमौर में 123, बिलासपुर में 44, ऊना में 18 और हमीरपुर में होम स्टे की संख्या 17 है।

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