शिमला: महाशिवरात्रि पर बुधवार को हिमाचल के शिवालयों, मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। शिवालयों में सुबह से ही लोगों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने दूध, दही और घी से शिवजी का जलाभिषेक किया और दर्शन किए। प्रदेश की राजधानी शिमला के सभी शिवालयों में बुधवार सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचना शुरू हो गए थे। लिफ्ट के समीप स्थित शिव मंदिर में सुबह ही जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु पहुंच थे। वहीं राधा-कृष्ण मंदिर गंज बाजार में बरात निकालने से पहले भोलेनाथ को सेहरा बांधा गया। इसके बाद ढोल-नगाड़ों के साथ भोलेनाथ की बरात निकली। लवली वालिया एंड ग्रुप ने शिव तांडव की प्रस्तुति दी। लोअर बाजार होते हुए बरात राम मंदिर पहुंची। राम मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शिव-गाैरा के लग्न हुए। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर रामपुर किन्नौर के शिव मंदिरों में सुबह से काफी भीड़ देखने को मिली। भजन-कीर्तन का दौर भी इस दौरान जारी रहा। महाशिवरात्रि के पर्व पर हमीरपुर जिलाभर के देवालयों में सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। गसोता महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ देखी गई। अमर उजाला की ओर से गसोता महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं को निशुल्क गंगाजल वितरित किया। श्रद्धालुओं ने इस गंगाजल को गसोता महादेव के शिवलिंग पर अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं महाशिवरात्रि पर्व को लेकर रामपुर किन्नौर के शिव मंदिरों में सुबह से काफी भीड़ देखने को मिली। भजन-कीर्तन का दौर भी इस दौरान जारी रहा। भक्तों ने दूध, दही, धतूरा, भांग, बेलपत्र, गन्ना, बेर आदि गंगाजल के साथ चढ़ाया। वहीं मंदिरों में पूजा-अर्चना कार्यक्रम भी सुबह से शुरू हो गया। मंदिर में माहौल भक्तिमय हो गया। कुल्लू जिले में महाशिवरात्रि का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। श्रद्धालु बारिश के बीच प्रसिद्ध बिजली महादेव मंदिर में दर्शनों के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने महादेव के दरबार में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। कराटे नामक जगह से करीब चार किमी का पैदल सफर कर श्रद्धालु बिजली महादेव मंदिर में पहुंचे। मंदिर में सुबह कपाट खुला और इसके बाद बिजली महादेव की विशेष पूजा-अर्चना हुई। अन्य शिवमंदिरों में माहौल भक्तिमय बना हुआ है। महाशिवरात्रि पर्व पर चंबा के शिव मंदिरों में अल सुबह से काफी भीड़ देखने को मिली। चंबा शहर समेत जिला के विभिन्न जगहों पर लोगों की ओर से प्रभात फेरियां निकाली गईं। प्रभात फेरी में नन्हे-मुन्ने बच्चे शिव, पार्वती समेत अन्य रूपों में नजर आए। भजन-कीर्तन का दौर भी इस दौरान जारी रहा। भजन-कीर्तन से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। वहीं जिला चंबा के भरमौर 84 परिसर स्थित शिव शंकर के मंदिर, ऐतिहासिक चंद्रशेखर मंदिर साहो, जनसाली स्थित शिव मंदिर, सपड़ी स्थित मंदिर में भी भीड़ रही। रिमझिम बारिश के चलते श्रद्धालुओं ने कुंजर महादेव मंदिर में माथा टेका। खज्जियार स्थित नाग मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य पर फोटोग्राफर यूनियन खज्जियार की ओर से मंदिर में हवन का आयोजन किया गया। महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर लघु जलेब निकालकर बाबा भूतनाथ को मंडी में 27 फरवरी से आरंभ होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का उपायुक्त व मेला कमेटी के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने विधि-विधानपूर्वक न्योता दिया। इस दाैरान डीसी ने विधि-विधान के अनुसार पूजा-अर्चना की। माता टारना के दरबार में भी पूजा की गई। भगवान परशुराम की नगरी निरमंड स्थित देवढांक मंदिर में शिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालु उमड़ पड़े। सुबह 4:00 बजे से शिव के दर्शन के लिए भक्तों की लाइनें लगी रहीं। बारिश के बावजूद मंदिर में शिमला, कुल्लू और किन्नौर से शिवभक्त पहुंचे। वहीं ऐतिहासिक चंद्रशेखर मंदिर साहो में महाशिवरात्रि पर्व के मौके पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। मंदिर में लोक कलाकारों ने भी शिव भजनों से पूरे माहौल को भक्तिमय कर दिया। जिला ऊना के प्रसिद्ध व प्राचीन ध्यूंसर सदाशिव मंदिर बही तलमेहड़ा में महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर में शिव पिंडी पर जलाभिषेक चढ़ाने वालों की लंबी कतार देखने को मिली। मंदिर प्रबंधन कमेटी के प्रधान प्रवीण कुमार शर्मा ने बताया कि महिलाओं की ओर से मंदिर परिसर में भोलेनाथ के भजनों सहित अन्य धार्मिक भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जा रहा है। इस मौके पर मंदिर परिसर तथा उसके आसपास समाजसेवी संस्थाओं द्वारा अलग-अलग स्थानों पर भंडारों का आयोजन करवाया जा रहा है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिव मंदिरों व शिवालयों में बड़ी संख्या में लोग उमड़े। एशिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिर जटोली में भी सुबह 5:00 बजे से लोगों ने लाइनों में लगकर दर्शन किए। मंदिर की कई खासियत हैं। जटोली शिव मंदिर अपनी शक्ति और चमत्कारों के लिए भी मशहूर है।





