लाइव हिमाचल/सोलन: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के जटोली में स्थित शिव मंदिर में आज महाशिवरात्रि की धूम रही। इस मंदिर को एशिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर माना जाता है और इसके प्रति श्रद्धालुओं में अटूट आस्था है। शिवरात्रि के दिन श्रद्धालु सुबह 5 बजे ही मंदिर में लाइन में नजर आए। श्रद्धालुओं ने जटोली शिव मंदिर में शिवलिंग पर बेलपत्र, भांग और दूध चढ़ाकर भोले बाबा को मनाया। श्रद्धालुओं का मानना है कि भोले नाथ भोले हैं, इसलिए सभी की मनोकामना पूरी करते हैं।कीर्तन करने के साथ-साथ भगवान शिव की पूजा अर्चना कर महादेव का आशीर्वाद ले रहे हैं। महाशिवरात्रि के मौके पर मंदिर में कीर्तन होता है और अगले दिन भंडारे भी लगाए जाते हैं। जटोली मंदिर के साथ जिले के अन्य शिव मन्दिरों लुटरू महादेव, शिव तांडव गुफा मंदिर, शिव ढांक मंदिर में भी श्रद्धालु सुबह मंदिरों में आकर शिव आराधना कर रहे हैं। बता दें कि सोलन से करीब 6 किलोमीटर दूर बना शिव मंदिर दक्षिण द्रविड़ शैली से निर्मित हुआ है और इसकी ऊंचाई 111 फीट की है। मान्यता है कि पौराणिक काल में भोलेबाबा भी यहां आए थे और कुछ समय के लिए रहे थे। 1950 के दशक में स्वामी कृष्णानंद परमहंस यहां आए। उनके मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश पर ही जटोली शिव मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ। वर्ष 1974 में उन्होंने ही इस मंदिर की नींव रखी थी। हालांकि 1983 में उन्होंने समाधि ले ली, लेकिन मंदिर का निर्माण कार्य नहीं रुका। मंदिर को पूरी तरह तैयार होने में तकरीबन 39 साल का समय लगा।




