Home » Uncategorized » एचपीटीडीसी के घाटे के लिए सरकारी एजेंसियां भी जिम्मेदार, भुगतान करने में रहीं असफल

एचपीटीडीसी के घाटे के लिए सरकारी एजेंसियां भी जिम्मेदार, भुगतान करने में रहीं असफल

शिमला: हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) को घाटे में पहुंचाने में कई सरकारी और निजी एजेंसियां भी जिम्मेदार हैं, जो सालों से करोड़ों रुपये निगम को भुगतान करने में असफल रही हैं।  दिलचस्प यह है कि राज्य के सरकारी विभागों और एजेंसियों के अतिरिक्त सबसे बड़ी 21.96 लाख रुपये की देनदारी सीबीआई टीम की बोर्डिंग और लॉजिंग की है, जो गुड़िया केस की जांच में होटल पीटरहॉफ में लंबे अरसे तक रुकी। इस धनराशि की वसूली के लिए निगम के हाथ-पांव फूल गए हैं। इसके अलावा निगम ने सरकारी और निजी क्षेत्र से करीब 2.50 करोड़ रुपये वसूल करने हैं। इस बकाया राशि की वसूली के लिए इन दिनों पर्यटन निगम संबंधित अधिकारियों को धड़ाधड़ चिट्ठियां भेज रहा है और उन्हें हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के सख्त रुख से भी अवगत करवाया जा रहा है। वीरभद्र और जयराम सरकारों में गुड़िया दुराचार व हत्या मामले की जांच के दौरान सीबीआई की टीम का महीनों तक ठहराव और खानपान का राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में प्रबंध किया जाता रहा। इसका बिल 21.96 लाख रुपये बना। इस बकाया राशि की वसूली के लिए पर्यटन निगम के पीटरहॉफ में नियुक्त सहायक महाप्रबंधक ने राज्य सरकार के अतिरिक्त सचिव पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन को पिछले दिनों एक ताजा चिट्ठी भेजी है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *