मंडी : हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी की तरफ से लगाए गए उन आरोपों का खंडन किया है, जिसमें कहा गया है कि जयराम ठाकुर की सरकार में भी टूरिज्म के होटलों को निजी हाथों में सौंपा गया था और प्रदेश सरकार इसकी जांच करवाएगी. जयराम ठाकुर ने मंडी में कहा कि प्रदेश सरकार खुले मन से जांच करवाए, वे हर तरह की जांच के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. उन्होंने कहा कि बतौर मुख्यमंत्री उनके कार्यकाल में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है. जयराम ठाकुर ने कहा कि कोर्ट के आदेशों से पहले ही प्रदेश सरकार होटलों को बेचने की साजिश रच चुकी थी और कुछ लोगों को हामी भी भर दी थी. यह बहुत बड़ा षडयंत्र है और हिमाचल को बेचने की साजिश रची जा रही है. प्रदेश के लोगों को इस बात को समझना होगा. उन्होंने कहा कि सरकार के भ्रष्टाचार की परतें अब खुल रही हैं और वो पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है, इसलिए अब इस तरह के आरोप विपक्ष पर लगाए जा रहे हैं. जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार प्रदेश का नीलम करने पर तुली हुई है. जिस तरह से हिमाचल सदन को अटैच किया गया वो दुर्भायपूर्ण है. आज हैरानी तो इस बात को लेकर है कि जो टूरिज्म के प्राफिट वाले होटल हैं उन्हें भी घाटे में दर्शाकर नीलाम किया जा रहा है. शिमला, मनाली और धर्मशाला में टूरिज्म के ऐसे होटल हैं, जो फायदे में चल रहे हैं और उन्हीं के दम पर दूसरे होटलों के खर्चे भी निलकते हैं, लेकिन आज उन्हें भी घाटे का बताया जा रहा है. प्रदेश सरकार ने ऐसा क्यों किया, यह सच्चाई लोगों के सामने आनी चाहिए। दरअसल, हिमाचल प्रदेश के 18 सरकारी होटलों को हाईकोर्ट ने बंद करने के आदेश दिए हैं. इन होटलों को लेकर अब सियासत हो रही है. कांग्रेस और भाजपा में आरोप प्रत्यारोप लग रहे हैं. इन होटलों में सोलन, धर्मशाला, मनाली और कुल्लू के होटल शामिल है।





