Home » Uncategorized » बहन की दी किडनी भी नहीं बचा पाई जान, सैनिक का दिल्ली के आर्मी अस्पताल में हुआ निधन…

बहन की दी किडनी भी नहीं बचा पाई जान, सैनिक का दिल्ली के आर्मी अस्पताल में हुआ निधन…

कांगड़ा : भाई-बहन का रिश्ता प्यार और तकरार भरा होता है। यही ताकत एक दूसरे के बचाव में भी काम आती है। कहा जाता है कि मां के बाद बहन ही अपने भाई के जीवन में मां की भूमिका निभाती है। जो हर बला से अपने भाई को बचाने का काम करती है। कोई बहन अपने भाई को दर्द में नहीं देख सकती। बहन अपने भाई को खुश और सही सलामत रखने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। ऐसा ही कुछ प्रयास किया हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की एक बेटी ने। मगर दुखद बात ये है कि लाख प्रयासों के बाद भी वो अपने भाई के प्राण नहीं बचा पाई।

दिल्ली में कांगड़ा के जवान का निधन

आपको बता दें कि लंज के साथ लगती देहरा विधानसभा क्षेत्र की पंचायत भटहेड के कतियाला (चंदुआ) गांव के 32 वर्षीय अमित गुलेरिया का निधन हो गया है। अमितस गुलेरिया भारतीय सेना में सैनिक थे। उनका दिल्ली के RR अस्पताल में आज निधन हो गया है।

एक साल से चल रहा था इलाज

अमित कुमार 13 पंजाब रेजिमेंट हैदराबाद में बतौर नायक पद पर कार्यरत थे। अमित गुलेरिया साल 2013 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। अमित गुलेरिया पिछले एक साल से किडनी की समस्या से पीड़ित थे। अमित का दिल्ली के RR अस्पताल (आर्मी अस्पताल) में इलाज चल रहा था।

बहन ने दी भाई को किडनी

अमित के परिवार ने उन्हें ठीक करने का हर प्रयास किया। बावजूद इसके अमित की जान नहीं बच पाई। अमित की बड़ी बहन इंदू देवी ने अपने छोटे भाई को ठीक करने के लिए एक महीना पहले ही अपनी एक किडनी भी दी। मगर बहन की कुर्बानी भाई को नहीं बचा सकी।

बहन से मिलने की कर रहा था जिद्द

इंदू देवी के पति भी आर्मी में जवान हैं। इंदू देवी वर्तमान में अपने पति के साथ अहमदाबाद में रहती हैं। बताया जा रहा है कि अमित पिछले चार-पांच दिन से इंदू से मिलने की काफी जिद्द कर रहा था।

बहन के सामने अमित ने त्यागे प्राण

इसी के चलते एक दिन पहले ही इंदू अमित से मिलने के लिए अहमदाबाद से दिल्ली आई। बहन से मिलने के बाद अमित ने उसके सामने ही अपने प्राण त्याग दिए।

दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया

अमित गुलेरिया अपने पीछे मां, पत्नी और दो बेटे छोड़ गए हैं। अमित का बड़ा बेटा चार साल का है और छोटा बेटा महज ढाई साल का है। अमित के निधन के बाद से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। बताया जा रहा है कि आज रात तक अमित की पार्थिव देह गांव पंहुच जाएगी। कल ढोडण स्थित अंतिमधाम पर सैनिक सम्मान के साथ अमित का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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