. 500 से 600 रुपए प्रति किलोग्राम मिलता है एवोकाडो
. एवोकाडो विटामिन A, B, C और E से है भरपूर
शिमला : एवोकाडो (पर्सिया अमेरिकन) एक अनोखा फल है। इसके गूदे में तेल होता है जिसकी मात्रा किस्म के आधार पर 13 से 25 प्रतिशत तक हो सकती है। इसलिए इस फल को बटर फ्रूट भी कहा जाता है। इसके गूदे में मक्खन जैसी बनावट होती है। फलों में एवोकाडो सबसे अधिक पौष्टिक होता है। ये फल 500 से 600 रुपए प्रति किलोग्राम या 100-125 रुपए प्रति फल बाजार में बिकता है। एवोकाडो हिमाचलियों की तकदीर बदलने के साथ तस्वीर बनेगा। प्रदेश के बागवानों को उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी सोलन और बागवानी विभाग की कई नर्सरी से इसके पौधे दिए जा रहे हैं। लगभग 100 साल पहले अंग्रेजों ने इस फल को भारत में लाने की कोशिश की थी, लेकिन इसके फीके स्वाद के कारण भारतीय उपभोक्ताओं ने इसे अस्वीकार कर दिया था। भारतीयों के लिए स्वाद एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटक है। इसके बावजूद एवोकाडो ने वापसी की है। वर्ष 2023 के दौरान डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, नेरी, हमीरपुर ने उच्च घनत्व बागवानी और राज्य के उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में एवोकाडो फल की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक परीक्षण किया है। जो सफल रहा है। एवोकैडो गूदा प्रोटीन, वसा से भरपूर होता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट कम होता है। एवोकाडो विटामिन ए, बी, सी और ई से भरपूर होता है। इसलिए एवोकाडो खाना सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। एवोकाडो में केले से भी ज्यादा कैलोरी होती है। एवोकाडो दुनिया का एकमात्र ऐसा फल है जिसका कोई स्वाद और सुगंध नहीं है, लेकिन फिर भी इसे पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है और खाया जाता है। सबसे लोकप्रिय किस्में हास और फुएर्टे हैं। हास के फल पकने पर बैंगनी रंग के हो जाते हैं और फुएर्टे के फल हरे रंग के होते हैं।





