
शिमला: वर्ष 2019 बैच हिमाचल प्रदेश कॉडर के आईएएस अधिकारी नवीन तंवर को सरकार की तरफ से निलंबित कर दिया गया है। उनको सीबीआई कोर्ट की तरफ से दूसरे की जगह परीक्षा देने के मामले में दोषी पाया गया है। इस दौरान प्रदेश सचिवालय में कार्मिक विभाग उनका कार्यालय निर्धारित किया गया है। उनके निलंबन संबंधी फाइल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के पास अनुमति को भेजी गई थी, जिस पर हस्ताक्षर करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। निलंबित अधिकारी को तुरंत प्रभाव से सचिवालय में कार्मिक विभाग को व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होना पड़ेगा। इससे पहले विधि विभाग से इस मामले में सलाह ली गई थी। इसमें विधि विभाग की तरफ से यह स्पष्ट किया गया था कि यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी 48 घंटे तक जेल में रहता है तो ऐसे में स्वत: ही उनको निलंबित समझा जाना चाहिए। इससे पहले नवीन तंवर की तरफ से गत 24 मार्च को 2 सप्ताह के अवकाश के लिए मेल की गई थी। प्रदेश सरकार ने इससे पहले उनको 7 दिन का अवकाश दिया गया था।
ये है मामला
आईएएस नवीन तंवर पर सीबीआई कोर्ट से आरोप सिद्ध हो चुका है। इसके तहत वर्ष 2014 में लिपिक परीक्षा में वह किसी दूसरे के स्थान पर बैठे थे। परीक्षा देने के मामले में नवीन तंवर सहित 6 अन्य को दोषी करार दिया गया है। उनको 3 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के अलावा और 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया था। प्रदेश सरकार ने इस संदर्भ में गत 18 मार्च को सीबीआई से भी जानकारी मांगी थी। उल्लेखनीय है कि 9 वर्ष पहले वर्ष 2014 में नवीन तंवर ने लिपिक परीक्षा में अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दी थी। उसके बाद वर्ष 2019 में नवीन तंवर संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करने के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के लिए चयनित हुए थे। किसी दूसरे की लिपिक परीक्षा देने के मामले में करीब 1 वर्ष से ट्रायल चलता रहा तथा बाद में उनको दोषी करार दिया गया।





