शिमला : हिमाचल प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल’ के निर्माण में 50 बीघा भूमि की शर्त का पेंच फंस गया है। सरकार इसके लिए नियमों में छूट दे सकती है। मंत्रिमंडल ने 50 बीघा भूमि पर इन स्कूलों के निर्माण की स्वीकृति दी है। इसके लिए बजट भी जारी कर दिया है, लेकिन प्रदेश में 50 बीघा भूमि उपलब्ध नहीं हो रही है।
हिमाचल में 18 स्थानों पर बनेंगे डे बोर्डिंग स्कूल
जहां पर भूमि चयनित की है वह या तो दूर है या निर्माण के लिए ठीक नहीं है। डे बोर्डिंग स्कूल के निर्माण के लिए जिला प्रशासन की ओर से चिन्हित भूमि के निरीक्षण के लिए सरकार ने शिक्षा विभाग के विशेष सचिव पंकज राय की अध्यक्षता में कमेटी बनाई थी। कमेटी ने बुधवार को रिपोर्ट सचिव को सौंप दी है। प्रदेश में 18 स्थानों पर डे बोर्डिंग स्कूल बनाना प्रस्तावित है। कमेटी ने 17 स्थानों का निरीक्षण किया है। डे बोर्डिंग स्कूल सुविधाओं व पढ़ाई के मामले में निजी स्कूलों को टक्कर देंगे। पहली बार हो रहा प्रयोग सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही है और बच्चे निजी स्कूलों में दाखिला ले रहे हैं। सरकार ने पहले नर्सरी व केजी कक्षाएं शुरू की थीं, जिसके बाद सरकारी स्कूलों में दाखिले बढ़े थे। अब पहली बार इस तरह का प्रयोग किया जा रहा है। डे बोर्डिंग स्कूल में चार ब्लाक बनाए जाएंगे। ब्लाक ए में प्रशासनिक भवन होगा।
2023-24 के बजट में सीएम सुक्खू ने की थी घोषणा
रिपोर्ट में बताया है कि जो भूमि चिन्हित की है वह कितनी दूर है। कितनी भूमि ऐसी है जहां निर्माण कार्य संभव है। सूत्रों के मुताबिक इस पर शीघ्र बैठक होगी, जिसमें प्रेजेंटेशन दी जाएगी।
सूत्रों की मानें तो 50 बीघा भूमि की शर्त तो रखी जाएगी, लेकिन यदि कहीं पर 30 बीघा भूमि पर निर्माण संभव है तो वहां पर भी भवन बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वर्ष 2023-24 के बजट भाषण में प्रदेश में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों खोलने की घोषणा की थी।
इग्नू में जनवरी 2024 सत्र के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) में जनवरी 2024 सत्र के लिए विभिन्न बैचलर व मास्टर डिग्री कार्यक्रमों में अगले वर्ष सेमेस्टर के लिए पुन: पंजीकरण फार्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। फार्म ऑनलाइन भरा जाएगा, जिसकी अंतिम तिथि 29 जनवरी निर्धारित की है। फार्म इग्नू की वेबसाइट पर भरे जा सकते हैं।
जनवरी 2023 सत्र में विभिन्न बैचलर डिग्री व मास्टर डिग्री (वार्षिक पद्धति) और जुलाई 2023 सत्र में विभिन्न बैचलर डिग्री व मास्टर डिग्री (समेस्टर पद्धति) कार्यक्रमों में पहले से नामांकित सभी छात्र पुन: पंजीकरण के लिए पात्र होंगे। जनवरी 2023 से पहले के वे सभी नामांकित छात्र जो किन्ही कारणों से पुन: पंजीकरण नहीं करवा पाए हैं, वे भी फार्म भर सकते हैं।





