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World Lung Cancer Day: सांस की तकलीफ-जकड़न फेफड़ों में गंदगी के हैं संकेत, इन 5 तरीकों से बनाए लंग्स को नया

आपके शरीर का प्रत्येक अंग कोशिकाओं से बना है, और उन सभी को ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। आपके फेफड़े(Lungs) श्वसन तंत्र का मुख्य हिस्सा होते हैं। जो आपको सांस लेने में मदद करने के लिए काम करते हैं। फेफड़े स्पंजी, हवा से भरे अंगों की एक जोड़ी है, जो छाती(Chest) के दोनों ओर स्थित होते हैं।

आपके जीवित रहने के लिए फेफड़ों का सेहतमंद रहना और ठीक तरह से काम करना बहुत जरूरी होता है। लेकिन वायु प्रदूषण, धूम्रपान, हानिकारक रसायनों व धूल-मिट्टी और लगातार ठंडी-शुष्क हवाओं के कारण आपके फेफड़ों में टॉक्सिन्स जमा हो जाते है। जिसकी वजह से फेफड़ों में भारीपन,जकड़न और सूजन भी महसूस हो सकती है। और गंभीर बीमारी जैसे कैंसर के होने का भी खतरा बना रहता है। केजे सोमैया हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर में आयुर्वेद एच.ओ.डी, डॉक्टर स्वप्‍ना कदम बताती हैं कि वैसे तो फेफड़े स्वयं सफाई करने वाला अंग है, लेकिन फेफड़ों से कफ को हटाने और सांस लेने की क्षमता को बढ़ाने के लिये कुछ चीजें कर सकते हैं। फेफड़े की प्रभावी सफाई कफ और उत्तेजक पदार्थों को साफ करने का काम करते हैं। जिससे छाती में जकड़न और फेफड़े की अन्य समस्या में राहत मिलती है। यह वायुमार्ग को खोलता है, और आपके फेफड़े की क्षमता को बढ़ाता है और सूजन को कम करता है।

स्टीम थेरेपी से करें फेफड़ो की गंदगी बाहर

स्टीम में पानी के भाप को सांस द्वारा अंदर खींचा जाता है। भाप हवा में गर्माहट और नमी ले आती है, जिससे श्वसन में सुधार होता है और वायुमार्गों और फेफड़ों में मौजूदा कफ को ढीला कर देता है। सांसो लेने में तकलीफ से यह तुरंत राहत दिलाती है।

फेफड़ों को साफ करने का नेचुरल तरीका- नियंत्रित खांसी

खांसी, टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का शरीर का अपना प्राकृतिक तरीका होता है। इससे कफ के रूप में फेफड़ों में भरा कचरा बाहर आ जाता हैं। ऐसे में आयुर्वेद विशेषज्ञ फफड़ों में तकलीफ महसुस होने पर खांसने की सलाह देती हैं।

खांसने की विधि

  1. एक कुर्सी पर कंधों को आराम देते हुए, दोनों पैरों को जमीन पर समतल रखते हुए बैठें।
  2. पेट के ऊपर हाथों को मोड़ें
  3. धीरे-धीरे नाक से सांस लें
  4. आगे की तरफ झुकते हुए धीरे-धीरे सांस छोड़ें, हाथों को पेट के विरुद्ध दबाएं
  5. सांस छोड़ते समय दो से तीन बार खांसें, मुंह को हल्का-सा खुला रखें
  6. धीरे-धीरे नाक से सांस लें
  7. जरूरत के हिसाब से आराम करें और दोहराएं
  8. 1:2 ब्रीदिंग पैटर्न का अभ्यास करें
  9. कुछ मिनट तक इसे करते रहें

​​हेल्दी लंग्स के लिए करें व्यायाम

नियमित व्यायम करने से ना केवल शारीरिक बल्कि मानसिक सेहत में भी सुधार होता है। व्यायाम मांसपेशियों को ज्यादा तेज गति से काम करने के लिये प्रेरित करता है। इससे फेफड़े मजबूत होते है, जिससे मांसपेशियों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचता है। रक्त संचार भी बेहतर होता है, शरीर ज्यादा प्रभावी तरीके से कार्बन डाई ऑक्साइड को बाहर निकालता है, जिसका निर्माण व्यायाम करने के दौरान होता है।

​धूम्रपान से सड़ने लगते हैं फेफड़े

आयुर्वेद विशेषज्ञ फेफड़ों को हेल्दी रखने के लिए धूम्रपान को पूरी तरह से छोड़ने की सलाह देती हैं। दरअसल, जब आप श्वास लेते हैं, तो धुंआ आपके फेफड़ों से तुरंत टकराता है। इससे टॉक्सिक कैमिकल रक्त में मिलकर पूरे शरीर में पहुंच जाते हैं। जिससे कई कैंसर समेत कई सारे गंभीर रोग होने का खतरा रहता है।

​एंटी-इनफ्‍लेमेटरी फूड से लंग्स रहेंगे सेहतमंद

वायुमार्ग की सूजन से सांस लेने में परेशानी, सीने में भारीपन और जकड़न महसूस हो सकती है। एंटी-इनफ्‍लेमेटरी खाद्य पदार्थ इन लक्षणों से राहत दिलाने का काम करते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ लहसुन, हल्दी अदरक का सेवन करेने की सलाह देती हैं।

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