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हिमाचल में आपदा से जल शक्ति विभाग को 2100 करोड़ का नुकसान : उप मुख्यमंत्री

शिमला : उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में हुई भारी बारिश व प्राकृतिक आपदा के चलते जल शक्ति विभाग को 2100 करोड़ का नुकसान हुआ है। मंडी, कुल्लू जिला में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पहले लोगों को पीने का पानी मुहैया करवाना है। पीने के पानी की जो योजनाएं बह गई है उन्हें रिस्टोर किया जा रहा है। अन्य चीजों पर दूसरे चरण में काम किया जाएगा। मंगलवार को विधानसभा में मंडी से विधायक अनिल शर्मा द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत भी काम चल रहा है। उहल परियोजना 32 किलोमीटर बह गई है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने किसी भी फैक्ट को टविस्ट नहीं किया है। बल्कि तथ्यों को सदन में रखा है। विभाग ने 40 करोड़ के बजट की मांग की है। सर्वे चल रहा है। मंडी में 2 करोड़ से पुनरोद्वार यानि रिस्टोरेशन का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि धन की उपलब्धता के आधार पर कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री से भी इसको लेकर चर्चा की जाएगी। सीवरेज लाइन जो प्रभावित हुई है उस का काम भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना 68 हजार की आबादी को कवर करती है।

मुकेश ने पूर्व की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारें आती व जाती रहती है। मैं न तो किसी के कपडे नहीं उधेड़ना चाहता, लेकिन यह सब जानते हैं कि पूर्व ने जाने से ठीक पहले दो हजार करोड़ की पाइपों की खरीद की है। जिन पाइपों को खरीदा उसकी जरूरत ही नहीं थी और जिस की जरूरत थी, वह पाइपें व अन्य सामान खरीदें ही नहीं। विभाग की हाल ही में बैठक हुई थी, जिसमें यह पता लगाया गया है कि कौन कौन सी चीजें चाहिए। मंडी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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