सोलन : हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के सोलन के ‘शामती’ क्षेत्र पर कुदरत ने शामत बरसाई है। ताजा घटनाक्रम में ‘हिल टॉप’ की दरारों की मरहम पट्टी वैज्ञानिक (Scientist) तरीके से की जा रही है। दरअसल, गहरी दरारों को फ्लाई ऐश व चूना पाउडर (fly ash and lime powder) से भरने की कवायद शुरू की जा चुकी है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अगर बारिश होती है तो इन दरारों से पानी धरती में नहीं समाएगा।
ये तो तय हो चुका है कि 70 परिवार अपने घरों में नहीं लौटेंगे। शुक्रवार शाम तक शामती के 25 घर ढह चुके थे, जबकि 17 घर आंशिक तौर पर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। शामती में 300 की आबादी प्रभावित हुई है। देखना ये होगा, दरारों की मरम्मत के तरीके को कुदरत स्वीकार करती है या नहीं। दूसरे दिन शुक्रवार को इस पर चूना पाउडर बिछाया गया।
लाईव हिमाचल से बातचीत में सोलन Deputy Commissioner Manmohan Sharma ने कहा कि फ्लाई ऐश व चूना पाउडर से दरारों को भरा जा रहा है। इसके अलावा पानी को ड्रेन करने की भी कोशिश जारी है। एक सवाल के जवाब में उपायुक्त ने कहा कि विस्थापितों के पुनर्वास के लिए भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि राज्य भूगर्भ वैज्ञानिक के नेतृत्व में टीम ने मौके का जायजा लेकर रिपोर्ट सौंपी है। उन्होंने कहा कि भूमिगत पानी का स्तर बढ़ने के कारण दरारों से पानी की निकासी हुई। तेज बहाव के साथ मलबे को भी पानी नीचे की तरफ ले गया।





