
शिमला : सूबे मानसून की गति अभी और रफ्तार पकड़ेगी। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले पांच दिन में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आज के लिए चंबा, किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर अन्य सभी जिलों को ऑरेंज अलर्ट और कल से अगले 72 घंटे के लिए लिए येलो अलर्ट दिया गया है। पहाड़ों पर हो रही तबाही को देखते हुए ट्रैफिक टूरिस्ट एवं रेलवे पुलिस ने सैलानियों और स्थानीय लोगों को अनावश्यक यात्रा टालने की एडवाइजरी जारी की है। AIG-TTR संदीप धवल ने लोगों को उफनते हुए नदी-नालों के समीप और लैंड स्लाइड संभावित क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी है। आपात स्थिति में लोग इमरजेंसी नंबर 112 और 1077 पर संपर्क कर सकते है।
मानसून की पहली बारिश से 150 से ज्यादा सड़कें यातायात के लिए बंद पड़ी है। इससे लोगों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है। इसी तरह 942 पेयजल और 190 सिंचाई योजनाएं भारी बारिश के बाद उफनते हुए नालों से क्षतिग्रस्त हुई है। इससे लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पानी तक नसीब नहीं हो रहा है।
हिमाचल में 24 जून को मानसून ने दस्तक दी है। इसके बाद तीन दिनों की बरसात में 103 करोड़ रुपए की सरकारी व निजी संपत्ति भारी बारिश की भेंट चढ़ चुकी है। अकेले मंडी जिले में 47 करोड़ रुपए का नुकसान आंका गया है। बीते तीन दिनों में चार घर पूरी तरह जमीदोंज हुए है, जबकि 28 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है। इस दौरान 312 पालतू मवेशी भी कुदरत के कहर का शिकार बने है।
मानसून की बारिश के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश के अधिकतम तापमान में औसत 6.8 डिग्री की कमी आई है। चंबा का तापमान सबसे ज्यादा 12 डिग्री की गिरावट के बाद 25.2 डिग्री तक लुढ़क गया। कुकुमसैरी का तापमान के में 10.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह प्रदेश के अन्य शहरों के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है।





