कुल्लू: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में नशे के सौदागरों और अवैध मादक पदार्थों के काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया है। जिले के बेहद दुर्गम, ऊंचाई वाले और बीहड़ पहाड़ी इलाकों में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों ने 61 एकड़ से भी अधिक भूमि पर अवैध रूप से उगाई गई गांजे (कैनाबिस) की विशाल फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। इस बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को अमलीजामा पहनाना NCB के लिए आसान नहीं था; इसलिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), हिमाचल प्रदेश पुलिस और राज्य वन विभाग की टीमों ने एक संयुक्त रणनीति तैयार की। भारी विषम परिस्थितियों, खड़ी ढलानों और पैदल रास्तों की बाधाओं को पार करते हुए ये टीमें पहाड़ों के दूर-दराज के ठिकानों तक पहुंचीं और अवैध खेती की जमीनों की सटीक पहचान कर उन्हें तहस-नहस कर दिया। इस पूरे अभियान की सबसे खास बात इसकी पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल है; पूरी कार्रवाई के दौरान नष्ट की जा रही फसलों की जीपीएस जियो-टैगिंग की जा रही है तथा हर कदम पर हाई-क्वालिटी फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए एक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है ताकि अदालत और उच्चाधिकारियों के सामने पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। इस तरह डिजिटल मैपिंग के जरिए उन विशिष्ट भूखंडों का सटीक रिकॉर्ड सुरक्षित किया जा रहा है जहां यह अवैध धंधा फल-फूल रहा था। अब इस बड़े ऑपरेशन के बाद जांच एजेंसियों ने अपना अगला कदम बढ़ाते हुए उन मुख्य साजिशकर्ताओं, भू-माफियाओं और नशा तस्करों की पहचान शुरू कर दी है जो इन दुर्गम रास्तों और सरकारी या बेनामी जमीनों के पीछे छिपकर गांजे की खेती करवा रहे थे। सुरक्षा बलों की इस मुस्तैदी से न सिर्फ नशे की जड़ों पर करारी चोट पहुंची है, बल्कि पूरे प्रदेश के तस्करों में हड़कंप मच गया है।





