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लोकसभा में गूंजा हिमाचल की स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा: सांसद सुरेश कश्यप के सवाल पर केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल का जवाब

लाइव हिमाचल/शिमला: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद सुरेश कुमार कश्यप ने संसद में हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था, मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस (MBBS) व पीजी (PG) सीटों तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। सांसद कश्यप द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने सदन को विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई।

हिमाचल में 996 MBBS और 400 PG सीटें उपलब्ध, केंद्र से मिली करोड़ों की वित्तीय सहायता:

केंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में 7 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 846 और 1 निजी मेडिकल कॉलेज में 150 MBBS सीटें उपलब्ध हैं, जिससे प्रदेश में कुल MBBS सीटों की संख्या 996 हो गई है। वहीं, पीजी (PG) स्तर पर 6 सरकारी कॉलेजों में 307 और निजी क्षेत्र में 93 सीटों के साथ कुल 400 PG सीटें संचालित हैं। सांसद सुरेश कश्यप ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए चंबा, हमीरपुर और नाहन में तीन नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की है, जो वर्तमान में पूरी तरह कार्यशील हैं। इसके अलावा सीटों में बढ़ोतरी के लिए 6 मेडिकल कॉलेजों को 120 अतिरिक्त MBBS सीटों हेतु ₹144 करोड़ तथा PG सीटों हेतु ₹14.50 करोड़ की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है।

एम्स बिलासपुर और सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से मजबूत हो रही प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था:

सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हिमाचल को एम्स बिलासपुर (AIIMS Bilaspur) जैसी बड़ी सौगात मिली है, जबकि टांडा और शिमला के मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य राज्य का विषय है, लेकिन केंद्र सरकार ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे, उपकरणों और तकनीकी सहायता के माध्यम से हिमाचल को निरंतर सहयोग प्रदान कर रही है। कश्यप ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले हिमाचल में अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना प्राथमिकता है और राज्य के हितों की बात भविष्य में भी संसद में प्रमुखता से उठाई जाती रहेगी।

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