लाइव हिमाचल/शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमकेयर योजना के तहत मरीजों के इलाज का भुगतान न करने पर राज्य सरकार के ढुलमुल रवैये के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने सरकार को सख्त आदेश जारी करते हुए कहा है कि मंगलवार तक याचिकाकर्ता सुरेंद्र कुमार के हक की 2.70 लाख रुपये की क्लेम राशि हर हाल में जारी की जाए, क्योंकि फंड की कमी का बहाना बनाकर किसी मरीज का वैध हक नहीं रोका जा सकता। दिल की बीमारी के कारण पीजीआई चंडीगढ़ में स्टेंट डलवाने वाले सुरेंद्र कुमार को कार्ड धारक होने के बावजूद यह रकम अपनी जेब से चुकानी पड़ी थी, जिसे खुद स्वास्थ्य विभाग ने भी सही माना था। वहीं दूसरी तरफ, हाईकोर्ट ने अदालती आदेशों की अवहेलना करने पर एक अन्य मामले में सख्त कार्रवाई की है। अदालत ने नर्सिंग संस्थान खोलने के लिए एनओसी जारी करने के आदेश पर अमल न करने पर कड़ा संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव एम सुधा देवी, चिकित्सा शिक्षा निदेशक राकेश शर्मा और स्वास्थ्य सेवा निदेशक गोपाल बेरी को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि अवमानना के लिए क्यों न उन्हें दंडित किया जाए। इन दोनों ही गंभीर मामलों पर हाईकोर्ट में अब क्रमशः 7 जुलाई और 13 जुलाई को अगली सुनवाई होगी।





