लाइव हिमाचल/शिमला: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत इस बार पारदर्शिता की एक नई मिसाल देखने को मिलेगी, जहां फर्जीवाड़े को रोकने के लिए पहली बार ग्राम सभा में आमजन की उपस्थिति मोबाइल ऐप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए दर्ज की जाएगी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार, इस डिजिटल व्यवस्था से ग्राम सभा का सही समय, सटीक लोकेशन और तारीख के साथ जनता की भागीदारी सुनिश्चित होगी, जिससे अधिकारी या कर्मचारी किसी भी तरह की गड़बड़ी या डुप्लीकेसी नहीं कर पाएंगे। इस बार की ग्राम सभाओं में योजना के नए सर्वेक्षण की ड्राफ्ट लिस्ट पर विस्तार से चर्चा कर पात्र और अपात्र लाभार्थियों की पहचान की जाएगी। विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनावों के बाद नवनियुक्त प्रधानों, उपप्रधानों और वार्ड सदस्यों की यह पहली ग्राम सभा होने जा रही है। इसी कड़ी में ऊना जिला के उपायुक्त जतिन लाल ने आगामी 9 जुलाई को ग्राम सभा के आयोजन के निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत विकास खंड अधिकारियों द्वारा फील्ड स्टाफ को ऑनलाइन ट्रेनिंग भी दी जा रही है ताकि एआई-इनेबल्ड मोबाइल ऐप के माध्यम से फोटो और लोकेशन अपलोड कर पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाया जा सके।





