पंजाब: पंजाब ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट-2026 में देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य बनने का दावा किया है. रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब ने कई अहम शैक्षणिक मानकों में वर्षों से शीर्ष पर रहे केरल को पीछे छोड़ दिया है. इस उपलब्धि को राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में किए गए बड़े शिक्षा सुधारों का परिणाम बताया है.पंजाब प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरलम, महाराष्ट्र और दिल्ली को पछाड़कर देश के सर्वोत्तम प्रदर्शन वाले राज्य के रूप में उभरा है. नीति (नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) आयोग की नई रिपोर्ट में भगवंत मान सरकार के शिक्षा सुधारों को राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान दिया गया है. रिपोर्ट के अनुसार पंजाब को बुनियादी शिक्षा, डिजिटल बुनियादी ढांचे और स्कूली सुविधाओं में पहला स्थान दिया गया है. राज्य ने भाषा और गणित में केरलम से अधिक अंक प्राप्त किए हैं. साथ ही सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, इंटरनेट पहुंच और कंप्यूटरों की उपलब्धता में भी बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया है. एक वीडियो संदेश के माध्यम से बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि ‘जो बोओगे वही काटोगे’ के कथन के अनुसार, राज्य ने शिक्षा में ईमानदारी से निवेश किया है. राज्य सरकार ने प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा को अपग्रेड किया, सिस्टम को मजबूत किया, स्मार्ट क्लासरूम की शुरुआत की और शिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया. आज उन प्रयासों को फल मिल गया है. राज्य सरकार ने बेहतर निवेश किया, जिसके अब शानदार परिणाम मिल रहे हैं।
नीति आयोग की रैंकिंग में पंजाब की उपलब्धि को उजागर करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग, भारत सरकार के प्रमुख संस्थानों में से एक है, जिसने नए आंकड़े जारी किए हैं. इन आंकड़ों के अनुसार पंजाब ने केरलम, महाराष्ट्र और दिल्ली को पछाड़कर प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में पहला स्थान हासिल कर लिया है. तीसरी कक्षा की भाषा में पंजाब ने 82 प्रतिशत अंक प्राप्त किए जबकि केरलम ने 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए. इसी तरह, तीसरी कक्षा के गणित में, पंजाब ने 78 प्रतिशत अंक प्राप्त किए जबकि केरलम ने 70 प्रतिशत अंक प्राप्त किए और नौवीं कक्षा के गणित में पंजाब ने 52 प्रतिशत अंक प्राप्त किए जबकि केरलम ने 45 प्रतिशत अंक प्राप्त किए. पंजाब की डिजिटल शिक्षा प्रगति के बारे में विवरण साझा करते हुए उन्होंने आगे कहा कि डिजिटल शिक्षा में भी पंजाब हरियाणा से आगे है. स्मार्ट क्लासरूम में, पंजाब ने 80.1 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं जबकि हरियाणा 50.3 प्रतिशत पर रहा. स्कूलों में इंटरनेट सुविधाओं के मामले में, पंजाब 88.9 प्रतिशत पर है जबकि हरियाणा 78.9 प्रतिशत पर है. स्कूलों में बिजली की उपलब्धता के संबंध में पंजाब ने 99.9 प्रतिशत अंक हासिल किए जबकि स्कूलों में कंप्यूटर की उपलब्धता के संबंध में 99 प्रतिशत अंक हासिल किए. पहले केरल शीर्ष स्थान पर था लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से केरल को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया है।





