शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो को सूचना का अधिकार अधिनियम के दायरे से बाहर करने का निर्णय लिया है. इस संबंध में कार्मिक विभाग (प्रशासनिक सुधार) ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. जारी अधिसूचना के अनुसार, सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 24(4) के तहत राज्यपाल की ओर से यह निर्णय लिया गया है कि राज्य विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो अब आरटीआई एक्ट के दायरे में नहीं रहेगा.हिमाचल प्रदेश सरकार का कहना है कि यह फैसला विभाग के संवेदनशील मामलों और जांच प्रक्रिया की गोपनीयता बनाए रखने के लिए लिया गया है. वहीं, अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश राज्यपाल के निर्देश पर जारी किया गया है। इस आदेश की प्रतियां राज्यपाल के सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव, मुख्य सचिव, सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों सहित विभिन्न सरकारी संस्थानों और विश्वविद्यालयों को भेजी गई हैं. साथ ही इसे आधिकारिक ई-गजट में प्रकाशित करने के निर्देश भी दिए गए हैं. अधिसूचना पर हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से आदेश जारी किया गया है।





