शिमला: हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार को संसद भवन में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर प्रदेश की महत्वपूर्ण सड़क, पुल और टनल परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से मजबूत सहयोग की मांग की। इस दौरान राज्यसभा सांसद और हिमाचल कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल भी उनके साथ मौजूद रहीं। बैठक में हिमाचल प्रदेश में सड़क संपर्क को मजबूत करने, सभी मौसम में आवाजाही सुनिश्चित करने और पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षित बुनियादी ढांचे के विकास पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में सबसे प्रमुख रूप से घाटासनी-शिल्हा-बढाणी-भूबू जॉट-कुल्लू सड़क और भूबू जॉट के नीचे प्रस्तावित सुरंग का मुद्दा उठाया गया. विक्रमादित्य सिंह ने आग्रह किया कि भूबू जॉट सुरंग और उससे जुड़ी सड़क को प्राथमिकता प्राप्त परियोजना के रूप में लिया जाए और इस संपूर्ण मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने पर विचार किया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुरंग जोगिंद्रनगर क्षेत्र को लुग घाटी के माध्यम से कुल्लू से एक सर्व-मौसमीय वैकल्पिक मार्ग द्वारा जोड़ेगी जिससे पठानकोट, जोगिंद्रनगर, मंडी और कुल्लू के बीच दूरी और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और वर्तमान मार्गों पर दबाव घटेगा. लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि भूबू जॉट कॉरिडोर के विकसित होने से लुग घाटी और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को नई दिशा मिलेगी और होमस्टे, छोटे व्यापार, परिवहन सेवाओं तथा स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ऊंचाई वाले सीमांत क्षेत्रों की ओर जाने वाली सेना और सुरक्षा बलों के लिए भी यह एक अतिरिक्त विश्वसनीय मार्ग उपलब्ध कराएगा विशेषकर भारी बर्फबारी के दौरान जब कुछ दर्रे बंद रहते हैं. विक्रमादित्य सिंह ने ब्यास नदी पर बसंतिपत्तन-खेरी के बीच दो-लेन पुल निर्माण का मामला उठाया जो कांगड़ा और हमीरपुर जिलों को सीधे जोड़ते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात का दबाव घटाएगा. इसके साथ ही मंडी जिले में पंडोह के निकट ब्यास पर मोटरेबल स्टील ट्रस पुल निर्माण का प्रस्ताव भी रखा गया जो आपदा या राजमार्ग अवरोध की स्थिति में वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराएगा. लोक निर्माण मंत्री ने CRIF और अन्य केंद्रीय योजनाओं के तहत स्वीकृत कार्यों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार के प्रति आभार जताया. उन्होंने सड़कों के चौड़ीकरण, सुरक्षा दीवारों, ढलान सुरक्षण, बाईपास और सुरंगों से जुड़े अतिरिक्त प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया. उन्होंने रोपवे परियोजनाओं को बढ़ावा देने और पर्वतीय क्षेत्रों के लिए मानकों में व्यावहारिक छूट की नीतिगत पहल के लिए भी केंद्र का धन्यवाद किया. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने विक्रमादित्य सिंह और राजनी पाटिल द्वारा रखे गए सभी मुद्दों को गंभीरता और सहानुभूति से सुना. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पर्वतीय और सीमांत राज्यों में सड़क और पुल अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है और हिमाचल प्रदेश की वास्तविक आवश्यकताओं पर सकारात्मक विचार किया जाएगा. विक्रमादित्य सिंह ने विश्वास जताया कि CM सुखविंदर सिंह सुखू के नेतृत्व में हिमाचल सरकार केंद्र के साथ निकट समन्वय बनाकर इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाएगी।





