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दुष्कर्म के आरोपी SDM ऊना की जमानत याचिका पर सुनवाई 3 अक्तूबर के लिए टली

शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में दुष्कर्म के आरोपी एसडीएम ऊना विश्व मोहन देव चौहान की जमानत याचिका पर सुनवाई 3 अक्तूबर के लिए टल गई। न्यायाधीश राकेश कैंथला की अनुपस्थिति के कारण यह मामला न्यायाधीश बीसी नेगी के समक्ष सुनवाई के लिए लगाया गया था। इस मामले में आरोपी को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई में ही आरोपी को अंतरिम अग्रिम जमानत प्रदान करने से इंकार कर दिया था। कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर जांच रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए थे।कोर्ट ने याचिका में दिए तथ्यों के आधार पर कहा था कि प्राथमिकी में लगाए आरोपों से पता चलता है कि याचिकाकर्ता ने 10-8-2025 को पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। पीड़िता रोई और याचिकाकर्ता ने उससे शादी का वादा किया। उसने पीड़िता को 20-8-2025 को विश्रम गृह में बुलाया, जहां उसने फिर से उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे वायरल करने की धमकी दी। पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कोर्ट ने इन सभी आरोपों को देखते हुए कहा था कि प्रथम दृष्टया पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं है। कोर्ट ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का हवाला दिया था जिसमें यह निर्धारित किया गया है कि बलात्कार के मामले में गिरफ्तारी से पहले जमानत नहीं दी जानी चाहिए। इसलिए कोर्ट ने कहा था कि प्रार्थी को गिरफ्तारी से पहले अंतरिम जमानत देने के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं है। उल्लेखनीय है कि एक युवती ने एसडीएम विश्व मोहन देव चौहान पर गंभीर आरोप लगाए थे। युवती ने बताया था कि विश्व मोहन देव चौहान से उसकी बातचीत सोशल मीडिया के जरिये हुई थी। इस दौरान एसडीएम ने उसे अपने दफ्तर मिलने बुलाया था और बाद में कोर्ट चैम्बर में उसके साथ जबरन संबंध बनाए। बाद में 10 अगस्त को सरकारी रेस्ट हाउस में भी उसे बुलाया और फिर दुष्कर्म किया।

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