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Himachal Monsoon: 454 मौतें, 4800 करोड़ रुपये का नुकसान…97 दिन तक भारी तबाही मचाने के बाद हिमाचल से मॉनसून की विदाई

Monsoon : हिमाचल प्रदेश को कभी न भरने वाले जख्म देकर आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून आज 24 सितंबर को पूरे 3 महीने बाद राज्य के अधिकांश भागों से वापस चली गई हैं मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पूरे चंबा, कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन, सिरमौर और मंडी जिलों, कुल्लू और शिमला जिलों के अधिकांश हिस्सों और लाहौल-स्पीति जिले के कुछ हिस्सों से मानसून आज वापस चला गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2-3 दिनों के दौरान हिमाचल प्रदेश के शेष हिस्सों से भी दक्षिण-पश्चिम मानसून के वापस जाने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। इस बीच मानसून वर्ष 2025 में हिमाचल प्रदेश को में 4881.21 करोड़ रुपए से अधिक का सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान कर गई। राज्य में मानसून से जुड़ी घटनाओं में इस वर्ष 454 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा जबकि 498 लोग मानसून के दौरान आई आपदाओं में घायल हो गए। इन आपदाओं में 50 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें से सबसे अधिक 30 लोग मंडी जिला में लापता है जबकि चंबा में पांच, सिरमौर में 4, किन्नौर और शिमला में तीन-तीन, कांगड़ा और कुल्लू में दो दो तथा लाहौल स्पीति में एक व्यक्ति लापता है। राज्य में बार-बार आई प्राकृतिक आपदाओं के कारण 674 पक्के घर और 1062 कच्चे घर पूरी तरह से ध्वस्त हो गए जबकि 2376 पक्के घर और 5118 कच्चे घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 496 दुकान भी ध्वस्त हो गई। मानसून के दौरान 29474 पालतू पशु की मारे गए। हिमाचल प्रदेश में मानसून 24 जून को पहुंची थी और लगभग पूरे मानसून सीजन के दौरान राज्य में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला जारी रहा। इस वर्ष मानसून के दौरान आई आपदाओं में मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ। इसके अलावा कुल्लू, कांगड़ा और चंबा जिलों में भी मानसून ने खूब तांडव मचाया। इस बीच भले ही दक्षिण पश्चिम मानसून हिमाचल से आज विदा हो गई लेकिन राज्य में अभी भी दो राष्ट्रीय राजमार्ग और 320 अन्य सड़कें अवरुद्ध हैं। इनमें से सबसे अधिक 105 सड़के मंडी जिला में अवरुद्ध हैं जबकि कुल्लू में 100, कांगड़ा में 40, ऊना में 13, बिलासपुर में 12, चंबा में 10, हमीरपुर में 4, किन्नौर में दो, शिमला में 21, सिरमौर में पांच और सोलन में 8 सड़के बंद हैं। लाहौल स्पीति प्रदेश का ऐसा इकलौता जिला है जहां इस समय सभी सड़कें खुली हुई हैं। इसके अलावा प्रदेश में अभी भी बिजली के 46 ट्रांसफार्मर और 69 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हुई हैं। मौसम विभाग ने राज्य में आने वाले एक सप्ताह तक मौसम के शुष्क बने रहने और सुबह-शाम के तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना जताई है।

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