
शिमला: हिमाचल प्रदेश में एड्स के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अकेले कांगड़ा जिले में मौजूदा समय में 1,576 लोग एचआईवी संक्रमण के साथ जी रहे हैं। इसके अलावा 1037 लोगों के साथ हमीरपुर दूसरे स्थान पर है। वहीं, प्रदेश भर में 5,657 लोग हैं, जो एचआईवी संक्रमण के साथ जी रहे हैं। कुल मामलों में से 26.61 फीसदी मामले केवल कांगड़ा जिले से संबंधित हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सबसे अधिक मामले युवाओं में पाए जा रहे हैं। प्रदेश में 28 से 45 आयु के लोग इस बीमारी से ज्यादा ग्रसित हैं। इसका मुख्य कारण असुरक्षित यौन संबंध और सुई से नशा करना बताया जा रहा है। प्रदेश में सुई से लिए जाने वाले नशे के कारण भी एचआईवी के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। एक ही सुई को एक से अधिक युवा नशे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे एचआईवी के साथ हेपिटाइटिस बी और सी के मामले भी बढ़ रहे हैं। अचानक से प्रदेश में बढ़ने नशे के प्रचलन के कारण समाज के साथ स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है। पिछले साल जिला कांगड़ा में अकेले नूरपुर क्षेत्र में काला पीलिया के 34 के करीब मामले जांच में सामने आए थे, जिसका मुख्य कारण सुई के जरिये नशा लेना था। जानकारी के अनुसार हिमाचल में 1990 के दशक में एचआईवी का पहला मामला हमीरपुर जिले से सामने आया था। इसके बाद एचआईवी धीरे-धीरे प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी पैर पसारने लगा। उस समय प्रदेश में एड्स कंट्रोल सोसाइटी अस्तित्व में आई थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर एचआईवी के प्रति जागरुकता के लिए काफी कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन फिर भी जांच कम होने से एचआईवी संक्रमण की बढ़ती समस्या का सही से पता नहीं चल पा रहा है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश सूद ने बताया कि इन मामलों में कांगड़ा सबसे आगे है। जिले में 1,576 की ओर से जल्द दो माह का एचआईवी एड्स जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के साथ एचआईवी जांच करवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। लोग संक्रमण के साथ जी रहे हैं।
किस जिले में कितने मामले
जिला मामले प्रतिशतता
बिलासपुर 449 7.58%
चंबा 157 2.65%
हमीरपुर 1,037 17.51%
किन्नौर 29 0.49%
लाहौल-स्पीति 10 0.17%
कांगड़ा 1576 26.61%
कुल्लू 234 3.95%
मंडी 772 13.04%
शिमला 316 5.34%
सिरमौर 121 2.04%
सोलन 290 4.90%
ऊना 666 11.25%





