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युक्तिकरण पर शिक्षा विभाग के आदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति की अवहेलना 

लाइव हिमाचल/सोलन: हिमाचल प्रदेश प्रवक्ता संघ जिला सोलन की जिला कार्यकारिणी ने सरकार और विभाग के प्रवक्ताओं के युक्तिकरण के नए आदेशों को तर्कसंगत नहीं बताते हुए इसका विरोध किया है। हिमाचल प्रदेश प्रवक्ता संघ जिला सोलन के प्रधान जयलाल जलपाईक व महासचिव हेमंत शर्मा ने शिक्षा निदेशालय द्वारा युक्तिकरण के नाम पर स्कूलों में प्रवक्ताओं के पदों को बंद करने व 100 छात्रों पर एक प्राध्यापक की नीति को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मूल भावना और उद्देश्यों के विपरीत बताया है । सरकार के इन आदेशों से न केवल विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा बल्कि यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना का उल्लंघन भी होगा। संघ ने सरकार को चेताया है कि वह किसी भी कीमत पर युक्तिकरण के नाम पर प्रवक्ताओं के पदों पर कुठाराघात ना करें। इसका कारण यह है कि शिक्षा निदेशालय ने दो दिनों के भीतर राज्य के सभी स्कूलों के प्रिंसिपलों को आदेश दिया है कि वे अपने-अपने स्कूलों का डाटा जल्दी से जल्दी भेजें, इससे शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। सरकार ने जो ब्यौरा तलब किया है उसके अनुसार अब 100 बच्चों पर एक शिक्षक का पद रहेगा। सरकार की यह नीति न तो अध्यापक वर्ग के हित में है और न छात्र वर्ग के हित में है। नई शिक्षा नीति में यह अनुपात 30 :1 है। संघ ने सरकार से मांग की है कि वह छात्र हित को ध्यान में रखते हुए ऐसा कोई भी कदम न उठाए। इस मुद्दे पर प्रवक्ता संघ राज्य कार्यकारिणी शीघ्र से शीघ्र शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव व शिक्षा निदेशक से मिलकर स्थिति स्पष्ट करेगी ताकि प्रवक्ता के हितों की रक्षा की जा सके। इस अवसर पर प्रवक्ता संघ के मुख्य संरक्षक चंद्र देव ठाकुर, संयोजक कमलेश कुमार, सुशील कुमार, विजय कुमार, मुख्य सलाहकार सोहन वर्मा, संदीप चंदेल और विनोद चौहान आदि प्रवक्ता मौजूद रहे।

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