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बिजली बोर्ड में सेवाएं दे रहे 81 आऊटसोर्स चालकों की नौकरी खत्म, दिवाली पर बिठाया घर, जानिए पूरी खबर ?

Electricity Board Fired 81 Drivers: हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में एसई, एक्सईएन, असिस्टेंट इंजीनियरों के 51 पदों को समाप्त करने के बाद सुक्खू सरकार ने एक और कदम उठाया है। सरकार ने पिछले 10 से 12 साल से आउटसोर्स पर बिजली बोर्ड में सेवाएं दे रहे 81 ड्राइवरों (81 Drivers) को भी बाहर कर दिया है। सरकार के इस कदम से हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड इम्प्लॉइज एंड इंजीनियर ज्वाइंट फ्रंट और भड़क गया और सुक्खू सरकार से जल्द अपना फैसला वापस लेने को लेकर अल्टीमेटम जारी किया है। आऊटसोर्स चालकों की सेवाओं को समाप्त करने के लिए प्रबंधन की ओर से कंपनी को पत्र लिखा है, वहीं 15 दिनों के भीतर सेवाएं बंद करने के लिए कहा है। ऐसे में 15 दिनों बाद आऊटसोर्स चालकों की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी। बोर्ड में इन 81 चालकों में से कई चालक 12 वर्ष तो कई चालक 5 से 8 वर्षों से सेवाएं दे रहे थे। ये आऊटसोर्स चालक प्रदेश के विभिन्न कार्यालयों में तैनात थे और सेवाएं दे रहे थे। जानकारी के अनुसार बोर्ड में आगामी चरण में डाटा एंट्री ऑप्रेटरों के पद भी खत्म किए जा सकते हैं। सरकार व बोर्ड के इस फैसले पर बिजली बोर्ड कर्मचारियों व इंजीनियरों के संयुक्त मोर्चे (फ्रंट) ने भी विरोध जताया है। फ्रंट के संयोजक लोकेश ठाकुर, सह संयोजक लक्ष्मण कापटा व हीरा लाल वर्मा ने कहा कि यदि इन कर्मचारियों की जरूरत खत्म हो गई थी तो इन्हें अन्य जगह पर सेवाएं लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द बोर्ड में पहले अधीक्षण अभियंता सहित अन्य खत्म किए गए पदों और आऊटसोर्स चालकों की सेवाएं समाप्त करने के फैसले को वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि यह दोनों फैसले वापस न लिए गए तो कर्मचारियों का आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में स्मार्ट मीटरिंग पूरी तरह से शुरू हो गई तो इसके बाद बिल काटने वाले कर्मचारियों को भी बोर्ड बाहर का रास्ता दिखा देगा। जेओए आईटी के पद भरे जाने के बाद अन्य आऊटसोर्स कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया जाएगा। ज्वाइंट फ्रंट ने बिजली बोर्ड प्रबंधन से आग्रह किया कि छंटनी के इन आदेशों को तुरंत रद्द किया जाए और आऊटसोर्स कर्मियों को स्थायी नीति बनाई जाए। बिजली बोर्ड में समाप्त किए गए 51 पदों को तुरंत बहाल किया जाए। जाहिर है बिजली बोर्ड घाटे से उभरने के लिए कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है। इससे पूर्व सरकार ने बिजली बोर्ड में असिस्टेंट इंजीनियरों से लेकर अधीक्षण अभियंता तक के 51 फंक्शनल पदों (functional Post) को समाप्त करने की अधिसूचना जारी की थी। हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड इम्प्लॉइज एंड इंजीनियर ज्वइंट फ्रंट के संयोजक लोकेश ठाकुर और सह संयोजक हीरा लाल वर्मा का कहना है कि हैरानी की बात है कि जिन आउटसोर्स कर्मियों ने 10 से 12 वर्ष बिजली बोर्ड में अपने उज्ज्वल भविष्य का सपना देखकर कम वेतन पर लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी हैं। आज उनकी सेवाएं समाप्त करना दुर्भाग्यपूर्ण और युवाओं के भविष्य के साथ बहुत बड़ा धोखा है। फ्रंट ने बिजली बोर्ड मैनेजमेंट से छंटनी के इन आदेशों को तुरंत रदद् करने और आउटसोर्स कर्मियों को स्थाई नीति बनाए जाने की मांग की है। इसके साथ ही बिजली बोर्ड में समाप्त किए गए 51 पदों को तुरंत बहाल करने का अल्टीमेटम जारी किया है।

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