



मुंबई: बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की गुत्थी उलझ चुकी है. भले ही बाबा सिद्दीकी के कत्ल की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है. मगर मकसद अब तक समझ से परे है. बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में सबके जहन में कई सवाल हैं. आखिर बाबा सिद्दिकी को मारने के पीछे मकसद क्या था, बाबा सिद्दिकी को मारने के लिए विजयादशमी का दिन ही क्यों चुना गया, क्या इसके पहले हमलावरों की रेकी फेल हो गई थी, बाबा सिद्दिकी को मारकर आखिर क्या मैसेज देने की कोशिश की गई है? पुलिस अब तक इन सवालों का जवाब नहीं ढूंढ पाई है. मगर पुलिस की पूछताछ में अब बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस की मानें तो बाबा सिद्दीकी की हत्या का प्लान कुछ और था, मगर ऐन वक्त पर प्लान बदला गया. इस हत्याकांड को तीन शूटरों ने अंजाम दिया.
पुलिस की मानें तो बाबा सिद्दीकी हत्याकांड को अंजाम देने के लिए तीन शूटर आए थे. एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी को मारने में शामिल ये तीन शूटर हैं- धर्मराज कश्यप, गुरनैल सिंह और शिवकुमार गौतम. शिवकुमार गौतम ही पूरी टीम को लीड कर रहा था. बाबा सिद्दीकी को मारने का प्लान पहले कुछ और था, मगर बाद में परिस्थिति को देखते हुए प्लान में बदलाव किया गया था. प्लान के मुताबिक, गुरनैल और धनराज को बाबा सिद्दीकी पर गोली चलानी थी लेकिन बाबा सिद्दीकी के आस-पास लोगों की भीड़ और पुलिस सिक्योरिटी देख शिवकुमार ने अपना प्लान बदला. नए प्लान के मुताबिक, उसने बाबा सिद्दीकी पर गोली चलाने की जिम्मेदारी ली. उसने अपने साथियों से कहा था, सुन गोली अब मैं मारूंगा. अगर कुछ गड़बड़ हुई तो तो तुम लोग गोली चला कर फरार हो जाना।
क्या था बाबा सिद्दीकी हत्याकांड का प्लान बी
नए प्लान के मुताबिक ही बाबा सिद्दीकी की हत्या को अंजाम दिया गया. आरोपी शिवकुमार ने ही बाबा सिद्दीकी पर 6 गोलियां चलाईं. इनमें से 2 गोली बाबा सिद्दीकी को जाकर लगी. गोली मारने के बाद ही शिवकुमार वहां से भागने लगा. साथ ही, आरोपी धनराज और गुरनैल भी अपने हाथों में पिस्टल लेकर भागने लगे. वहां मौजूद भीड़ में शिवकुमार किसी तरह छिप गया मगर भीड़ और पुलिस ने कुछ दूर पर ही गुरनैल और धनराज को पकड़ लिया. धनराज और गुरनेल के पास पिस्टल थी, पर उन दोनों में से किसी ने भी फायर नहीं किया. जांच में पता चला कि तीनों शूटर अपने पास मिर्ची पाउडर भी रखे थे।
किसने चलाई गोली?
पुलिस जांच के मुताबिक, जैसे ही शिवकुमार ने बाबा सिद्दीकी पर गोली चलाई, उसके बाद उसने बाबा सिद्दीकी की सुरक्षा में लगे पुलिसवालों की आखों में मिर्ची पाउडर डाल दिया. पुलिस की पूछताछ में धनराज और गुरनैल को पता नहीं था कि आखिर किसने उनको बाबा सिद्दीकी को मारने के आदेश दिया था. केवल शिवकुमार गौतम को ही पता था कि बाबा सिद्दीकी को मारने के आदेश किसने दिया है. इसलिए पुलिस अब शिवकुमार गौतम की तलाश कर रही है. पुलिस ने उसकी कुंडली तो खंगाल ली गई है, मगर अब तक वह गिरफ्त से बाहर है।
बाबा सिद्दीकी केस में यूपी कनेक्शन
मुंबई पुलिस ने अपनी जांच में बताया है कि बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के दो आरोपियों का कनेक्शन यूपी के बहराइच से है. बहराइच के दो आरोपियों धर्मराज कश्यप और शिव कुमार गौतम के गांव के तीन दोस्तो के बैंक खाते में मुंबई 50-50 हजार रुपये आए थे. पुलिस ने गंडारा के रहने वाले तीनो दोस्त अनुराग कश्यप, आकाश श्रीवास्तव और ओम त्रिपाठी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. इस बीच मुंबई पुलिस के मुताबिक, कोर्ट ने आरोपी धर्मराज कश्यप का ऑसिफिकेशन टेस्ट कराने को कहा था, क्योंकि उसके वकील ने दावा किया था कि वो नाबालिग है. टेस्ट कराया गया और ये साबित हो गया कि वो नाबालिग नहीं है. उसे कोर्ट में पेश किया गया और कोर्ट ने पुलिस को 21 अक्टूबर तक की हिरासत दे दी है.