हाथरस : हाथरस में बाबा के कार्यक्रम में बहुत बड़ी भीड़ आ गई थी. इसकी कल्पना शायद पुलिस और प्रशासन को नहीं थी. आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का पुलिस को ठीक ठीक अनुमान नहीं था. लिहाजा वहां महज 72 पुलिस वालों की ड्यूटी लगाई गई थी, जबकि भीड़ का आलम ये था कि दूर दूर से भी बस भरकर श्रद्धालु आए थे. हादसा हाथरस जिले के सिकंदराराऊ थाने के फुलरई गांव में हुआ. शुरुआती सूचनाओं के मुताबिक सत्संग समाप्त होने के बाद एक तरफ बहुत सारे निकलने लगे. लोग किस ओर से जाएंगे, ये व्यवस्था नहीं की गई थी. अगर की भी गई होगी तो 72 पुलिसवालों की संख्या उस व्यवस्था को लागू कराने के लिए नाकाफी ही रही होगी.
ये सत्संग नारायण साकार विश्वहरि भोले बाबा का था. सोशल मीडिया और गूगल पर देखने से पता चलता है कि इनके श्रद्धालुओं की संख्या ठीक ठाक है. बाबा के बहुत सारे भजन भी अलग-अलग डिजिटल प्लेटफार्म पर मौजूद हैं. इससे भी उनके मशहूर होने और भक्तों की संख्या बहुत अधिक होने का पता चलता है.
आम तौर पर जब इस तरह के आयोजन किए जाते हैं तो पुलिस के साथ प्रवचन करने वाले बाबाओं के स्वयंसेवक भी व्यवस्था में लग जाते हैं. शुरुआती तौर पर जो वीडियो अलग अलग स्रोतों से सामने आ रहे हैं. उनमें इस तरह की व्यवस्था का अभाव बताया जा रहा है. साथ ही एक भुक्तभोगी बता रही है कि जिधर से लोग निकल रहे थे उसकी एक तरफ मोटरसाइकिलें थी और दूसरी ओर खेत. हालांकि हादसे के सदमे में उस महिला को ठीक से याद नहीं आ रहा है कि अचानक भगदड़ क्यों हुई. राज्य सरकार ने मुख्य सचिव और डीजीपी को भी मौके पर रवाना कर दिया है. वहां अधिकारियों के जाने और जांच के बाद ही हादसे की असली वजह का पता चल पाएगा, लेकिन ये तो तय है कि व्यवस्था में भारी चूक ने भोले बाबा कहे जाने वाले इस भजन गायक या प्रवचन करने वाले के कार्यक्रम में बहुत सारे भोले भाले लोगों की जान चली गई।





