



शिमला : पहाड़ी प्रदेश हिमाचल में मानसून पूरे रंग में है। मानसून की सक्रियता से पूरे राज्य में मूसलाधार वर्षा हो रही है। राजधानी शिमला समेत राज्य के ज्यादातर हिस्सों में शनिवार को दिन भर वर्षा का दौर जारी रहा। लगातार हो रही बारिश से जगह-जगह भूस्खलन की घटनाओं से 133 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। व्यापक वर्षा से वीक एंड पर हिमाचल के रुख करने वाले पर्यटकों की तादाद गिरने से पर्यटन सीजन प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान मैदानी एवं मध्यपर्वतीय क्षेत्रों में व्यापक वर्षा की आशंका जताई है। राज्य के कुल 12 में से सात जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इनमें ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कूल्लु और मंडी जिले शामिल हैं। राज्य की राजधानी शिमला में भी भारी वर्षा होने की संभावना है। शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट और लाहौल-स्पीति जिला में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
पहुंचा है।
दो सप्ताह में हादसों में गई 45 लोगों की जान, 80 घायल
राज्य में 24 जून को मानसून के आगमन के बाद से बारिश से जुड़ी आपदाएं सामने आ रही हैं। अब तक बारिश से संबंधित घटनाओं में 45 लोगों की मौत हो गई और 80 घायल हो गए, जबकि चार लापता हैं। 354 मवेशी भी इस दौरान मारे गए हैं। इसके अलावा 70 कच्चे-पक्के मकान, सात दुकानें और 34 पशुशालाएँ भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। मानसून सीजन में अब तक 362 करोड़ की संपति की क्षति हुई है।
लोक निर्माणविभाग को 204 करोड़ की क्षति हुई है, जबकि जलशक्ति विभाग को 127 करोड़ और बागबानी विभाग को 26 करोड़, बिजली बोर्ड को 92 लाख और शहरी विकास विभाग को 38 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।