मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग की आधिकारिक वेबसाइट की लॉन्च…

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वीरवार सायं हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की। उन्होंने कहा कि आयोग की इस https://hpscforsc.com वेबसाइट के माध्यम से बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश का संतुलित और समग्र विकास तभी संभव हो सकता है जब सभी समुदायों का संतुलित विकास हो। यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा संवेदनशील वर्गों के कल्याण के लिए योजनाओं और नीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया जा रहा है। आयोग अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए संचालित की जा रही योजनाओं को धरातल पर उतारने और इन वर्गों के प्रति समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में उल्लेखनीय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वेबसाइट के माध्यम से लोगों को आयोग से संबधित महत्त्वपूर्ण जानकारियां एक क्लिक पर मिलेगी। इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान, सदस्य दिग्विजय मल्होत्रा, विजय डोगरा और आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने सचिवालय कर्मचारी सहकारी ऋण एवं बचत (गैर कृषक) सभा समिति के वर्ष 2026 का कैलेंडर किया जारी…

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारी सहकारी ऋण एवं बचत (गैर कृषक) सभा समिति के वर्ष 2026 के कैलेंडर को जारी किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक सुरेश कुमार, हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारी सहकारी ऋण एवं बचत (गैर कृषक) सभा समिति के अध्यक्ष ओ.पी. दिनकर, उपाध्यक्ष मिलाप चन्द, महा प्रबन्धक कुशल ठाकुर तथा सभा के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

लद्दाख ने किया ‘धुरंधर’ टैक्स-फ्री दर्शकों में फिल्म का क्रेज बरकरार

मुंबई : साल 2025 की सबसे चर्चित और बहुप्रतीक्षित बॉलीवुड फिल्मों में से एक ‘धुरंधर‘ को अब केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में टैक्स-फ्री कर दिया गया है। लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर कविंदर गुप्ता ने इसकी घोषणा की है। लद्दाख की स्थानीय सरकार भी फिल्म की लोकप्रियता और सिनेमाई महत्व को मान्यता दे रही है। इस फिल्म में … Read more

सोलन पुलिस ने तस्कर की 43 लाख की और संपत्ति की जब्त…

सोलन: जिला सोलन पुलिस ने नशा तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के अपने अभियान को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में पुलिस ने धर्मपुर थाना में दर्ज वर्ष 2018 के एनडीपीएस एक्ट के एक पुराने मामले में कार्रवाई करते हुए नशा तस्कर धनीराम और उसके सहयोगियों की करीब 43 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की है। पुलिस की वित्तीय जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने नशे के काले कारोबार से अर्जित धन से अपने बेटों के नाम पर गाड़ियां और टिप्पर खरीदे थे, जबकि उसके पास आय का कोई वैध स्रोत नहीं था।मामले की पृष्ठभूमि 22 अगस्त 2018 की है, जब धर्मपुर पुलिस ने जाडली निवासी 62 वर्षीय धनीराम को 736 ग्राम चरस, 82 ग्राम अफीम और 1 लाख रुपये नकद राशि के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस द्वारा की गई गहन वित्तीय जांच (Financial Investigation) में सामने आया कि धनीराम लंबे समय से अपने इलाके में चरस और अफीम की सप्लाई कर रहा था। इस अवैध धंधे की कमाई को खपाने के लिए उसने अपने बेटों संजीव कुमार और नीलम कुमार के नाम पर दो एलएमवी (LMV) गाड़ियां और एक टिप्पर खरीदा था। पुलिस ने अब कार्रवाई करते हुए इस 43 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। गौरतलब है कि आरोपी धनीराम एक आदतन अपराधी है और वर्तमान में वह कुनिहार थाना में 18 सितंबर 2025 को दर्ज एक अन्य एनडीपीएस मामले में जेल में बंद है। उस मामले में पुलिस ने उससे 1.6 किलो से अधिक चरस और अफीम बरामद की थी। पुलिस उस मामले में पहले ही उसकी 6 करोड़ 34 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त कर चुकी है, जिसमें आलीशान मकान, रेस्टोरेंट, होम स्टे, जेसीबी, सोने के आभूषण और बैंक खाते शामिल हैं। इस जब्ती पर सक्षम प्राधिकारी नई दिल्ली द्वारा मुहर भी लगाई जा चुकी है। इसके अलावा आरोपी पर अर्की थाने में भी नशा तस्करी का केस और महिलाओं के प्रति क्रूरता व छेड़छाड़ के दो अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। सोलन पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले लगभग सवा साल में सोलन पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत वित्तीय जांच करते हुए 39 आरोपियों की 15.60 करोड़ रुपये से ज्यादा की चल और अचल संपत्ति जब्त की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए तस्करों की आर्थिक संपत्ति पर चोट करना सबसे प्रभावी कदम है और यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।

कांग्रेस राज में बागवान बेहाल, एचपीएमसी की बदइंतजामी ने तोड़ी किसानों की कमर : संदीपनी भारद्वाज

शिमला : भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने एचपीएमसी के माध्यम से समय पर खाद सामग्री उपलब्ध न होने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में प्रदेश का बागवान आज बुरी तरह परेशान है और सरकार की कथित “बागवान उत्थान” की सभी गारंटियां पूरी तरह फेल साबित हो चुकी हैं। संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि बागवानों को लोकमित्र केंद्रों और तहसीलों के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है, लेकिन अंततः उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। एचपीएमसी के भंडार खाली पड़े हैं और सेब बागवानी के इस अहम समय में स्प्रे ऑयल व अन्य आवश्यक खाद सामग्री उपलब्ध न होना सरकार की घोर लापरवाही और नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार कागजों में योजनाएं और घोषणाएं करती है, लेकिन जमीन पर बागवानों को उसका कोई लाभ नहीं मिल रहा। समय पर खाद और स्प्रे न मिलने से फसलों पर विपरीत असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है, जिससे बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि बागवान पहले ही मौसम की मार, बढ़ती लागत और बाजार की अनिश्चितताओं से जूझ रहा है, ऊपर से कांग्रेस सरकार की नाकामी ने उसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एचपीएमसी जैसी संस्थाओं को पूरी तरह पंगु बना दिया गया है और सरकार का कोई भी विभाग जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। संदीपनी भारद्वाज ने प्रदेश सरकार से मांग की कि एचपीएमसी के भंडारों में तुरंत खाद सामग्री उपलब्ध करवाई जाए और बागवानों को राहत दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस सरकार ने शीघ्र समाधान नहीं किया तो भाजपा बागवानों के हित में सड़क से सदन तक आंदोलन करने से पीछे नहीं।

बीपीएल पर कैंची चला रही सुखू सरकार, गरीबों को सूची से बाहर करने की साजिश: डॉ. राजीव बिंदल

शिमला: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू के नेतृत्व वाली सरकार एक बार फिर गरीबों की कमर तोड़ने में जुट गई है। पिछले साढ़े तीन वर्षों में इस सरकार ने आम आदमी, गरीब और मध्यम वर्ग का जीना दुश्वार कर दिया है और अब बीपीएल (Below Poverty Line) के नए नियम लागू कर गरीबों को योजनाओं से बाहर करने की सुनियोजित साजिश रची जा रही है। डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा बीपीएल के जो नए नियम लागू करने की तैयारी की जा रही है, उनके लागू होते ही बड़ी संख्या में वे लोग जो वर्तमान में बीपीएल श्रेणी में हैं, सूची से बाहर हो जाएंगे। इससे सबसे बड़ा नुकसान उन जेनुइन, नितांत गरीब परिवारों को होगा, जिन्हें वास्तव में सरकारी सहायता की सबसे अधिक जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह कोई प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि सोच-समझकर बनाई गई गरीब विरोधी रणनीति है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस “व्यवस्था परिवर्तन” की बात करती है, लेकिन हकीकत में यह सरकार गरीबों के लिए व्यवस्था पतन की ओर प्रदेश को धकेल रही है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने ग्रामीण और गरीब परिवारों के लिए ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘जी राम जी’ योजना लागू की है, जिसके तहत 125 दिन की रोजगार गारंटी और अनेक सुविधाएं दिहाड़ीदार एवं गरीब परिवारों को दी जा रही हैं। लेकिन हिमाचल की कांग्रेस सरकार इस योजना को लेकर भी अनर्गल बयानबाजी कर गांव के गरीबों को भ्रमित कर रही है। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि इससे पहले मनरेगा में भी प्रदेश सरकार ने अपना हिस्सा न डालकर ग्रामीणों और गरीबों को लाभ से वंचित रखा और सारा दोष केंद्र सरकार पर मढ़ती रही। आज भी वही रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आपदा प्रभावित गरीब परिवारों के लिए हजारों करोड़ रुपये की राहत राशि दी, लेकिन प्रदेश सरकार उसे प्रभावित लोगों तक पहुंचाने में पूरी तरह विफल रही है। आपदा राहत के पैसों की बंदरबांट हो रही है और जहां वास्तव में पैसा लगना चाहिए, वहां विकास कार्य नहीं हो रहे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल को आपदा राहत के लिए ₹300 करोड़ और ₹601 करोड़ की अतिरिक्त सहायता दी, लेकिन इन पैसों का आज तक सही उपयोग नहीं हुआ। जनहित के कार्यों में खर्च करने के बजाय कांग्रेस सरकार गरीबों के साथ अन्याय करने में जुटी हुई है।
डॉ. राजीव बिंदल ने चेतावनी दी कि भाजपा प्रदेश की जनता, गरीबों और आपदा प्रभावित परिवारों के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी और कांग्रेस सरकार की गरीब विरोधी नीतियों को उजागर करती रहेगी।

कर्तव्य पथ पर हिमाचली टोपी बनेगी शौर्य का शिखर, आचार्य अमन नेगी ने तैयार किया झांकी का डिजाइन

Himachal Tableau On Republic Day: हिमाचल की झांकी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर दिखेगी। झांकी में कुल चार परमवीर चक्र, दो अशोक चक्र और दस महावीर चक्र विजेताओं का प्रतिनिधित्व है। झांकी का डिजाइन आचार्य अमन नेगी ने तैयार किया है। 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस पर इस बार दिल्ली के कर्तव्य पथ पर हिमाचल की झांकी देश-दुनिया के सामने वीर सपूतों और शौर्य की गाथा प्रस्तुत करेगी। झांकी का डिजाइन जवाहरलाल नेहरू राजकीय ललित कला महाविद्यालय शिमला में सहायक आचार्य अमन नेगी ने तैयार किया है। झांकी के पहले हिस्से में पारंपरिक हिमाचली काठकुणी वास्तुकला की छत है, जो भूकंपरोधी तकनीक और दृढ़ता का प्रतीक है। छत के ऊपर स्थापित हिमाचली टोपी झांकी की पहचान है। टोपी के शिखर पर चार परमवीर चक्र विजेताओं की प्रतिमाएं बनाई गई हैं, जो हिमाचल के वीर सपूतों को देश और प्रदेश के सबसे बड़े गौरव के रूप में दर्शाती हैं। झांकी में कुल चार परमवीर चक्र, दो अशोक चक्र और दस महावीर चक्र विजेताओं का प्रतिनिधित्व है। पहले हिस्से में शिल्प और मूर्तियों के माध्यम से उनके शौर्य को दिखाया गया है, जबकि दूसरे हिस्से में सभी विजेताओं के चित्र हैं। इसके साथ ही हिमालय पर तिरंगा फहराते सैनिकों की प्रतिमा, दो सेना अधिकारियों की सलामी शामिल है।

शीतलहर की चपेट में हिमाचल, ठंड से जमी अराध्य बड़ा देव कमरूनाग की पवित्र झील

शिमला: हिमाचल प्रदेश में नया साल बारिश-बर्फबारी की सौगात लेकर आया है। नववर्ष के पहले दिन वीरवार को डलहौजी, शिकारी देवी, कमरुनाग, त्रियुंड और हिमानी चामुंडा में सीजन का पहला हिमपात हुआ है। वहीं, राजधानी शिमला, कुफरी और नारकंडा में भी फाहे गिरे।कुल्लू, हमीरपुर, सोलन, ऊना, मंडी, बिलासपुर और चंबा जिले के कई इलाकों में बारिश हुई। इससे लंबे समय से चल रहा ड्राई स्पैल टूट गया है। शिमला में भी दोपहर बाद बूंदाबांदी हुई। लंबे समय बाद प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी से फसलों को संजीवनी मिली है। शिमला व मनाली में बर्फबारी न होने से सैलानियों के साथ स्थानीय लोग व कारोबारी अभी मायूस हैं। खराब मौसम के चलते वीरवार को कांगड़ा में हवाई उड़ानें भी बाधित रहीं। उधर, मौसम विभाग का हिमाचल में शुक्रवार से सात जनवरी तक मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। नए साल के पहले दिन वीरवार को सोलंगनाला, अटल टनल और धुंधी में हिमपात हुआ। कोकसर और अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल में सैलानियों ने बर्फ के बीच जमकर मस्ती की। धौलाधार सहित त्रियुंड और आदि हिमानी चामुंडा की पहाड़ियों पर भी बर्फ गिरी है। पांगी की ऊपरी चोटियों हुड़ान भटोरी, सुराल भटोरी, संसार हिल, सचे जोत, भरमौर की ऊपरी चोटियों मणिमहेश, काली छौ और कुगती में बर्फबारी हुई है। इसके अलावा, डलहौजी, जोत, लक्कड़ मंड़ी, चुराह के देवीकोठी, टेपा, बैरागढ़ व सलूणी के ऊपरी गांवों और लंगेरा में पहली बर्फबारी हुई। धर्मशाला सहित कांगड़ा के कई क्षेत्रों में दोपहर बाद हल्की बारिश हुई। किन्नौर कैलाश की चोटियों पर भी हिमपात हुआ है। ऊना जिले में सुबह करीब एक घंटे तक बारिश हुई। बारिश-बर्फबारी होने से वीरवार को दिन के तापमान में आठ डिग्री तक गिरावट दर्ज हुई। शिमला में अधिकतम पारा 10.0, धर्मशाला में 19.0, ऊना में 16.8, नाहन में 13.2, सोलन में 16.0, मनाली में 9.4  डिग्री सेल्सियस रहा। हिमाचल में मौसम ने इस बार दिसंबर में बेरुखी दिखाई है। पिछले 125 वर्षों में दिसंबर 2025 प्रदेश के लिए छठा सबसे सूखा साबित हुआ है। एक से 31 दिसंबर के दौरान प्रदेश में सामान्य से 99 फीसदी कम बारिश हुई। इससे पहले साल 1901, 1907, 1925, 1939 और 1993 में सामान्य से 100 फीसदी कम बारिश हुई थी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के  आंकड़ों के अनुसार दिसंबर में सामान्य तौर पर प्रदेश में अच्छी बारिश और ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी होती रही है। पश्चिमी विक्षोभ की कमजोर सक्रियता से बादल मेहरबान नहीं हुए। हिमाचल में दिसंबर में अब तक सबसे अधिक बारिश साल 1929 में दर्ज की गई थी। उस वर्ष 176 एमएम बारिश हुई थी जिसे आज भी रिकॉर्ड माना जाता है। लाहौल में चंद्रावली के खंगसर गांव के सामने पीर पंजाल की चोटी से वीरवार को हिमस्खलन हुआ। काफी देर तक बर्फ का बवंडर पहाड़ से लुढ़कता हुआ चंद्रा नदी तक पहुंचा। इससे किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। पहाड़ी से ऐसे हिमस्खलन अकसर गिरते रहते हैं। हिमस्खलन को पर्यटकों ने मोबाइल फोन में कैद किया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने हिमाचल के सात जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर के कई क्षेत्रों में 4 जनवरी तक सुबह-शाम घना कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट जारी किया है।

 मंडी के कमरुनाग में सीजन की पहली बर्फबारी, ठंड से जमी पवित्र झील
वीरवार देर रात मनाली के कोकसर के साथ सीजन की पहली बर्फबारी ने जिला के कमरुनाग धार्मिक स्थल में चांदी की चादर बिछा दी है। करीब 4 माह बाद इन्द्र देवता के प्रसन्न होने से पहाड़ों में बर्फबारी होने से किसानों, बागवानों, पर्यटकों और सैलानियों समेत देव समाज के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रशासन ने कमरुनाग और शिकारी देवी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए है और मन्दिर परिसर से दुकानदारों समेत अन्य लोगों को पलायन करने के निर्देश दे दिए हैं।

नौणी यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्राओं मेघा और आंचल ने HAS में शीर्ष स्थानों पर किया कब्जा

सोलन: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी की शैक्षणिक गुणवत्ता का डंका एक बार फिर प्रदेश भर में बजा है। हाल ही में घोषित हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HPAS-2025) परीक्षा के परिणामों में विश्वविद्यालय की दो होनहार पूर्व छात्राओं ने शीर्ष दो स्थानों पर कब्जा जमाकर संस्थान का नाम रोशन किया है। सिरमौर की मेघा सिंह कंवर ने जहां पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है, वहीं शिमला की आंचल कुमारी ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। जिला सिरमौर के खनिवर गांव की रहने वाली मेघा सिंह कंवर ने अपनी सफलता से साबित कर दिया है कि वानिकी के छात्र प्रशासन में भी उत्कृष्टता हासिल कर सकते हैं। मेघा का नौणी विश्वविद्यालय से गहरा नाता रहा है। उन्होंने यहां से बीएससी (ऑनर्स) वानिकी की डिग्री लेने के बाद वर्ष 2022 में सिल्वीकल्चर एवं एग्रोफोरेस्ट्री विभाग से एमएससी की डिग्री प्राप्त की थी। अपनी मास्टर डिग्री के दौरान भी वह 8.72 ओजीपीए के साथ विभागीय टॉपर रही थीं। पढ़ाई में अव्वल रहने के साथ-साथ मेघा एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट धारक भी हैं, जो उनके अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। वहीं, दूसरे स्थान पर रहने वाली शिमला जिले के नेरवा (घोंटरी गांव) की आंचल कुमारी को हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवा (HPPS) आवंटित की गई है। आंचल ने भी वर्ष 2021 में इसी विश्वविद्यालय से बीएससी (ऑनर्स) वानिकी की डिग्री हासिल की थी। इस शानदार उपलब्धि के बाद गुरुवार को टॉपर मेघा सिंह कंवर का विश्वविद्यालय पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। प्रो. चंदेल ने मेघा को सम्मानित करते हुए कहा कि उनकी और आंचल की सफलता न केवल उनकी व्यक्तिगत मेहनत का फल है, बल्कि यह विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जा रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समग्र विकास के माहौल का भी प्रमाण है। कुलपति ने मेघा को एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में ईमानदारी, दक्षता और उच्च नैतिक मूल्यों के साथ जनसेवा करने की सलाह दी। मेघा ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और नौणी विश्वविद्यालय के अनुकूल शैक्षणिक वातावरण को दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के सुदृढ़ अंतर्विषयी प्रशिक्षण ने उनकी विश्लेषणात्मक सोच को विकसित करने में अहम भूमिका निभाई। इस अवसर पर वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. चमन लाल ठाकुर सहित अन्य शिक्षकों और छात्रों ने भी दोनों पूर्व छात्राओं की उपलब्धि पर खुशी जाहिर की।

78 साल बाद इस गांव तक पहुंची सड़क, लोग जश्न में डूबे…

Himachal Pradesh News: देश जहां ‘डिजिटल इंडिया’, चंद्रमा और मंगल मिशन की उपलब्धियों पर गर्व कर रहा है, वहीं हिमाचल प्रदेश के एक गांव में अब जाकर पक्की सड़क पहुंच पाई है. आजादी के 78 साल बाद मंडी जिले के चावासी क्षेत्र के टुमान गांव को पहली बार गाड़ी चलने लायक पक्की सड़क मिली है. हालांकि यह खबर न केवल विकास की तस्वीर दिखाती है, बल्कि जमीनी हकीकत पर भी सवाल खड़े करती है. लोक निर्माण विभाग (PWD) ने टुमान गांव के लिए 2.7 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया गया है. सोमवार को सड़क का काम पूरा हुआ, जिसके बाद पहली बार इस सड़क पर बस चलाई गई. यह पल गांव के इतिहास में बेहद खास बन गया, क्योंकि इससे पहले यहां तक कोई भी चार पहिया वाहन नहीं पहुंच सका था.

जिलाधिकारी गौरव महाजन की मौजूदगी में बस को नई सड़क पर चलाया गया. इस मौके पर कई राजनीतिक नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे. गांव के लोगों ने सभी अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया. जैसे ही बस आगे बढ़ी, उत्साह से भरे ग्रामीण उसके साथ-साथ दौड़ते नजर आए।

गांव में जश्न का माहौल

जब बस गांव के मुहाने पर पहुंची, तो वहां जश्न का माहौल बन गया. सालों से सड़क की आस लगाए बैठे लोगों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े. चारों ओर तालियों की गूंज सुनाई दी. ग्रामीणों ने बस पर फूलों की वर्षा की, मालाएं पहनाईं और मिठाइयां बांटी गईं. यह दृश्य किसी त्योहार से कम नहीं था।