हेड कांस्टेबल दिनेश कंवर को मिलेगा डीजीपी डिस्क अवार्ड….

सोलन: सोलन एसआईयू टीम के हेड कांस्टेबल दिनेश कंवर को डीजीपी डिस्क अवार्ड के लिए नामित किया गया है। इससे पहले भी वह कई अवार्ड हासिल कर चुके है। नशे के खिलाफ चलाए अभियान के लिए दिनेश कंवर को मिल रहा है अवार्ड।

संधिरा दुल्टा {सीनू सिंह} को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जिला सोलन कांग्रेस Distric Spokesman की मिली जिम्मेवारी…

सोलन : संधिरा दुल्टा {सीनू सिंह} हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जिला सोलन कांग्रेस Distric Spokesman की जिम्मेवारी दी गई है। इस के लिए संधिरा दुल्टा{सीनू सिंह} ने हिमाचल प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जी, हिमाचल प्रदेश के सोलन के लोकप्रिय विधायक एवम् हिमाचल प्रदेश सरकार में माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर कर्नल धनी राम शांडिल जी , हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा आदरणीय श्री मति प्रतिभा सिंह जी एवम् हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वर्किंग प्रेसिडेंट माननीय श्री संजय अवस्थी जी अध्यक्ष एवम् वॉर रूम के को चेयरमैन का दिल की गहराइयो के साथ धन्यवाद किया। संधिरा दुल्टा {सीनू सिंह} कहा कि जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है उसे पर वह खरा उतारने का प्रयास करेंगी ।

मतदाता लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी करें सुनिश्चित : डॉ. जगदीश चंद नेगी

सोलन: कण्डाघाट उपमण्डल के सायरी में सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता कार्यक्रम (स्वीप) के अंतर्गत मतदाता जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता उप निदेशक (उच्चतर शिक्षा) सोलन डॉ. जगदीश चंद नेगी ने की। डॉ. जगदीश नेगी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं, अध्यापक अभिभावक संघ के सदस्यों, पंचायत के प्रतिनिधियों तथा उपस्थित स्टाफ से आग्रह किया कि वे अपने आस-पास के पात्र मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करें, ताकि लोकतंत्र को और मज़बूत बनाया जा सके। स्वीप नोडल अधिकारी राजेश ठाकुर व हेमेंद्र शर्मा ने प्रथम अप्रैल, 2024 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को वोटर हेल्पलाइन ऐप तथा बूथ स्तर अधिकारी के माध्यम से अपना मतदाता पहचान पत्र बनाने की प्रक्रिया के बारे विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मतदान केंद्र पर मिलने वाली सुविधाओं जैसे व्हील चेयर, कतार रहित मतदान, रैम्प इत्यादि के बारे में भी जानकारी दी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सायरी की प्राचार्य इंदु शर्मा ने निर्वाचन विभाग की तरफ से आई टीम का स्वागत किया। विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा इस अवसर पर मतदान जागरूकता के पर आधारित एक समूह गान, कविता व भाषण के माध्यम से मतदान का संदेश दिया।

इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य सहित स्टाफ सदस्य, अध्यापक अभिभावक संघ के सदस्य तथा पंचायत प्रतिनिधि व लगभग 150 विद्यार्थी उपस्थित थे।

ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की…

. मतदान प्रतिशतता बढ़ाने के लिए सोलन ज़िला में चलेगा विशेष अभियान : मनमोहन शर्मा

सोलन: ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में आज यहां सहायक निर्वाचन अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में लोकसभा निर्वाचन-2024 के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी सहायक निर्वाचन अधिकारी मतदान सूचियों से सम्बन्धित आवश्यक प्रक्रियाएं निर्धारित समयावधि में पूरी करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नए मतदाता से मतदाता पहचान पत्र बनाने के लिए 04 मई, 2024 तक आवेदन प्राप्त किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि 85 वर्ष से अधिक आयु तथा दिव्यांग (40 प्रतिशत से अधिक) व आवश्यक सेवाओं में सेवारत मतदाताओं को चिन्हित कर उनसे फॉर्म 12डी निश्चित समयावधि में प्राप्त कर लें और घर से मतदान की सुविधा इत्यादि के बारे में भी समय रहते सम्बन्धित वर्गों के मतदाताओं की सहमति प्राप्त कर लें।
मनमोहन शर्मा ने सभी सहायक निर्वाचन अधिकारियों को प्रत्येक मतदान केन्द्र का भौतिक सत्यापन करने तथा वहां पर न्यूनतम सुनिश्चित सुविधाएं एवं विस्तारित न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध करवाने को कहा। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशानुसार सभी मतदान केन्द्रों में बाधा रहित व सुगम आवागमन, रैम्प, व्हील चेयर, शौचालय, पेयजल सुविधा के साथ ही स्वयंसेवियों की तैनाती के भी उचित प्रबन्ध किए जाएं। ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने ई.वी.एम. की रैंडमाईजेशन, इनके वितरण के दौरान कार्यकारी दण्डाधिकारी की तैनाती, समुचित सुरक्षा और इनके परिवहन वाहनों पर जी.पी.एस. ट्रैकिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने ई.वी.एम. और वी.वी.पैट. मशीनों की कमिशनिंग के लिए स्थल का चयन, उम्मीदवारों को इस बारे सूचित करने, मतदान कर्मियों को पर्याप्त प्रशिक्षण और इस प्रक्रिया की वीडियोग्राफी इत्यादि निर्धारित अवधि में सुनिश्चित करने को कहा। मनमोहन शर्मा ने कहा कि वितरण एवं प्रापण केन्द्रों में मतदान कर्मियों के लिए विभिन्न कल्याणकारी उपाय भी सुनिश्चित किए जाएं। इसमें चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ सहित जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धतता, आपात स्थिति में एम्बुलेंस इत्यादि की भी व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि मतदान कर्मियों के लिए निर्वाचन ड्यूटी प्रमाण पत्र एवं डाक मतपत्र की प्रक्रिया भी तय अवधि में पूरी कर ली जाए। उन्होंने आदर्श आचार संहिता की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए स्थापित नियंत्रण कक्षों की निगरानी, आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों पर समयबद्ध व त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों एवं उम्मीदवारों की ओर से वांछित अनुमतियां भी समयबद्ध प्रदान की जाएं। मनमोहन शर्मा ने कहा कि सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता कार्यक्रम के तहत लोगों को अधिक से अधिक मतदान के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने इसके लिए सघन अभियान निरंतर जारी रखने को कहा। विशेष तौर पर शहरी क्षेत्रों में स्वयंसेवियों की मदद से बूथ स्तर के अधिकारी लोगों को घर-घर जाकर मतदान के महत्व के बारे में जागरूक करें। निर्वाचन विभाग के मिशन-414 के अंतर्गत सोलन व अर्की विधानसभा क्षेत्रों के कम मत प्रतिशतता वाले मतदान केन्द्रों में विशेष अभियान के तहत लोगों को प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए स्कूली छात्रों के माध्यम से मतदान अवश्य करने सम्बन्धी एक संकल्प पत्र उनके परिजनों तक भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रशासनिक व अन्य अधिकारी ऐसे क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने सहायक निर्वाचन अधिकारियों को शतायु मतदाताओं से सम्पर्क कर उन्हें सम्मानित करने तथा एक प्रेरक के रूप में मतदान करने सम्बन्धी उनका संदेश युवा व अन्य मतदाताओं तक पहुंचाने को भी कहा। उन्होंने मतदान प्रतिशतता बढ़ाने के लिए हस्ताक्षर अभियान, नुक्कड़-नाटक व गीत-संगीत के माध्यम से भी प्रचार करने पर बल दिया।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार यादव, सहायक निर्वाचन अधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल, अर्की यादविंदर पाल, सोलन डॉ. पूनम बंसल, दून प्रिया नागटा, कसौली नारायण सिंह चौहान, निर्वाचन तहसीलदार ऊषा चौहान, सभी निर्वाचन क्षेत्रों के नायब तहसीलदार निर्वाचन व निर्वाचन कानूनगो उपस्थित थे।

डॉ दिशा शर्मा शिक्षा विभाग में 34 वर्षों की सेवा के बाद हुई सेवानिवृत…

सोलन: शिक्षा विभाग में 34 वर्षों तक अपनी सेवाओं को बाद मंगलवार को ब्वॉयज सीनियर सेकंडरी स्कूल सोलन की प्रिंसिपल डॉ. दिशा शर्मा सेवानिवृत हुई। मंगलवार को स्कूल पहुंचने पर स्कूल स्टाफ व स्कूली बच्चों ने उनका फूल-माला पहनाकर से स्वागत किया। इस मौके पर स्कूल में भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें उनके साथी अध्यापकों ने उनके शिक्षा के क्षेत्र में दिए योगदान पर विस्तार से चर्चा की।

जन्म व शिक्षा
दिशा शर्मा का जन्म मंडी जिला के करसोग में 10 जुलाई 1966 को यशमती शर्मा और हरिदत्त शर्मा के घर हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा करसोग में हुई इसके बाद राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला और बीएड की डिग्री बीएड कॉलेज धर्मशाला, एमए की डिग्री एचपीयू शिमला और पीएचडी की डिग्री पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से की।
16 जुलाई 1990 को डॉ. दिशा ने टीजीटी (साइंस) के रूप में शिक्षा विभाग में सेवा आरंभ की। उनकी पहली पोस्टिंग सीनियर सेकंडरी स्कूल सेरी बंगलो, जिला मंडी में हुई। 12 दिसंबर 1994 को उनका विवाह इंजीनियर जेसी शर्मा के साथ हुआ। उनके दो बच्चे हैं। कनव शर्मा विदेश में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि मन्नत शर्मा एमबीबीएस कर रही है।

इन स्कूलों में दी सेवाएं
डॉ.दिशा शर्मा ने सीसे स्कूल सेरी बंगलों के अलावा, सीसे स्कूल बसंतपुर शिमला, डाइट शिमला, डाइट सोलन में अपनी सेवाएं दी। सितंबर 2016 में हैडमास्टर बनी। इस दौरान उन्होंने हाई स्कूल कोटला बरोग सिरमौर, हाई स्कूल सनावर, हाई स्कूल कनाह में सेवाएं दी। इसके बाद 2021 स्कूल प्रिंसिपल पदोन्नत हुई। इस दौरान सीसे स्कूल शरगांव, सीसे स्कूल परवाणू और इसके बाद सीसे स्कूल ब्वॉयज सोलन में प्रिंसिपल रही, जहां से वह मंगलवार को सेवानिवृत हुई।

एस्ट्राजेनेका ने माना- कोविशील्ड वैक्सीन से लोगों को हो सकते हैं रेयर साइड इफेक्ट….

नेशनल डेस्क: ब्रिटिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका के एक खुलासे से कोरोना की वैक्सीन लेने वाला हर इंसान हिल गया है। वैक्सीन निर्माता ने अदालत में माना है कि कोविशील्ड दुर्लभ मामलों में थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम के साथ थ्रोम्बोसिस (TTS) का कारण बन सकता है। इससे खून के थक्के बन सकते हैं और प्लेटलेट काउंट कम हो जाता है। थ्रोम्बोसाइटोपेनिया के कई गंभीर मामलों में यह स्ट्रोक और हार्ट अटैक का कारण भी बन सकता है। कोविड-19 महामारी के दौरान एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से विकसित कोविशील्ड का उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की ओर से किया गया था। भारत में भी बड़े पैमाने पर ये वैक्सीन लगाई गई है। मेडिकल एक्सपर्ट डॉ. राजीव जयदेवन ने कहा कि TTS रक्त वाहिकाओं में थक्का बना सकता है। लेकिन कुछ टीकों के इस्तेमाल के बाद इसका होना बेहद दुर्लभ होता है। जयदेवन केरल में नेशनल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) कोविड टास्क फोर्स के सह-अध्यक्ष हैं। उन्होंने यह स्वीकार किया कि कोविड वैक्सीन ने कई मौतों को रोकने में मदद की है। न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘TTS का मतलब खून के थक्के बनने से है। कम प्लेटलेट काउंट के साथ दिमाग या अन्य रक्त वाहिकाओं में इससे थक्का बन सकता है। उन्होंने आगे कहा, ‘WHO के मुताबिक एडेनोवायरस वेक्टर वैक्सीन शायद ही कभी ऐसी स्थिति से जुड़ी हो। हालांकि कोविड वैक्सीन ने कई मौतों को रोका है, लेकिन इससे जुड़ी कई रिपोर्ट प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं।’ सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कोविशील्ड का उत्पादन किया, लेकिन mRNA प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं किया। इसे वायरल वेक्टर प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके तैयार किया गया है। वैक्सीन में एक चिंपांजी एडेनोवायरस ChAdOx1 को संशोधित किया गया है ताकि यह मनुष्यों की कोशिकाओं में कोविड-19 स्पाइक प्रोटीन ले जाने में सक्षम हो सके। यह कोल्ड वायरस मूल रूप से रिसीवर को संक्रमित करने में असमर्थ है, लेकिन प्रतिरक्षा प्रणाली को ऐसे वायरस के खिलाफ एक तंत्र तैयार करने के लिए बहुत अच्छी तरह सिखा सकता है। इबोला की वैक्सीन बनाने में भी इसी तरह की टेक्नोलॉजी इस्तेमाल हुई है।

कंपनी देगी बड़ा हर्जाना?

ब्रिटेन की एक अदालत में 51 मामलों में पीड़ित 100 मिलियन पाउंड तक का हर्जाना मांग रहे हैं। इस मामले के पहले शिकायतकर्ता जेमी स्कॉट का आरोप है कि उन्हें अप्रैल 2021 में टीका लगाया गया था, जिससे खून में थक्का जमने के बाद उनके दिमाग में स्थायी चोट लग गई। उन्होंने दावा किया कि इस कारण वह काम करने में असमर्थ हो गए। तीन बार उनकी पत्नी को अस्पताल ने यह भी कह दिया कि वह मरने वाले हैं। एस्ट्राजेनेका ने स्कॉट के दावे के कानूनी बचाव में TTS की बात स्वीकारी है। इस कारण माना जा रहा है कि उसे अब पीड़ितों और उनके परिवारों को हर्जाना देना पड़ सकता है।

सोलन कांग्रेस भवन में आयोजित होनी थी युवा कांग्रेस की बैठक, कार्यकर्ता हुए नाराज़, 11 बजे का था समय….

सोलन: सोलन कांग्रेस भवन में आयोजित युवा कांग्रेस की बैठक होनी थी आयोजित। जिसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ कर्नल धनीराम शांडिल ने शिरकत करनी थी। लेकिन दिए गए समय के करीब 2 घंटे बाद स्वास्थ्य मंत्री पहुंचे। जिसके कारण कुछ कार्यकर्ता समय के अभाव के कारण वहां से चले गए। करीब 2 घंटे बाद स्वास्थ्य मंत्री सोलन कांग्रेस भवन पहुंचे।

हिमाचल में कलयुगी बेटे ने पिता को लगाई आग, उपचार के दौरान मौत…

हमीरपुर : जनपद के पुलिस थाना भोरंज के तहत बेटे द्वारा एक शर्मसार घटना को अंजाम देने का मामला सामने आया है। यहां गांव घलेड़ा में बेटे ने अपने ही पिता पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। आज सुबह 9 बजे 80% झुलस चुके पिता रघुवीर सिंह की मौत हो गई। रघुवीर सिंह ने टांडा में दम तोड़ दिया। मिली जानकारी के अनुसार शव को गांव लाया जा रहा है।  उल्लेखनीय है कि पिछले गुरुवार रात्रि मामूली कहासुनी होने पर बेटे ने अपने पिता पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। जिस पर पिता ने भोरंज पुलिस थाने में बेटे पर मुकदमा दर्ज करवा दिया। जानकारी के अनुसार रघुवीर सिंह पुत्र कीतो राम ने शिकायत में बताया था कि उसके बेटे पम्मू से किसी बात को लेकर उनकी बहसबाजी हो गई। बहसबाजी इतनी बढ़ गई कि उसके बेटे ने पेट्रोल की बोतल उठाकर उसके ऊपर डाल दी और आग लगा दी। इससे रघुवीर सिंह आग से झुलस गया। परिजन उपचार के लिए रघुवीर को भोरंज अस्पताल लाए, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद हमीरपुर अस्पताल रैफर कर दिया था। खराब हालत को देखते हुए टांडा रैफर किया, जहां आज सुबह ही रघुवीर सिंह ने दम तोड़ दिया।

Droupadi Murmu Shimla Visit: हिमाचल में आज आएगी फोर्स, कल से बढ़ेगा पहरा; राष्ट्रपति दौरे पर छावनी में बदलेगी राजधानी….

शिमला : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के शिमला दौरे के लिए शहर में तैयारियां जोरों पर हैं। शहर में सुरक्षा-व्यवस्था और यातायात संचालन के लिए शिमला पुलिस ने प्लान तैयार कर मुख्यालय में स्वीकृति के लिए भेज दिया है।

शहर में करीब 1500 से ज्यादा जवान सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था का जिम्मा देखेंगे। राष्ट्रपति दौरे के लिए तैनात पुलिस बल मंगलवार को शिमला पहुंच जाएगा। बुधवार से शहर में पुलिस की गतिविधियां बढ़ जाएंगी। पुलिस के यातायात प्लान के मुताबिक कई आइपीएस और एचपीएस अधिकारियों के नेतृत्व में जवान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। इनमें कई एसपी रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं।

शहर को कई सेक्टर में बांटा जाएगा। जुब्बड़ हट्टी से छराबड़ा तक के अलग-अलग सेक्टर बनेंगे। इसके अलावा जिन स्थलों का राष्ट्रपति दौरा करेंगी, उन्हें अलग सेक्टर में बांटा जाएगा। हर सेक्टर में पुलिस अधिकारी तैनात रहेंगे।

फोर्स आने के बाद होगी जंगलों की छानबीन

पुलिस बल मिलने के बाद शिमला पुलिस जंगलों की छानबीन शुरू करेगी। तारादेवी व कैचमेंट एरिया के जंगलों की तलाशी ली जाएगी। इस दौरान जंगल में जंगली जानवरों और पैदल चलने वाले लोगों के पदचिह्नों के हिसाब से गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। तलाशी के बाद जंगलों की घेराबंदी होगी। इसके अलावा टुटू से छराबड़ा तक सड़क के दोनों किनारे पर भवनों में रहने वाले लोगों की वेरिफिकेशन किया जाएगा।राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए शिमला पुलिस ने टुटू से छराबड़ा तक सड़क के किनारे खड़ी गाड़ियों को हटाने के लिए लोगों को नोटिस जारी किए हैं। लोगों को तीन दिन के अंदर वाहन हटाने को कहा गया है। इसके बावजूद अगर कोई वाहन नहीं हटाता है तो वाहन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस स्थिति में चालान भी हो सकता है और गाड़ी को भी पुलिस हटा सकती है। वहीं शिमला पुलिस की टीम रोजाना ट्रैफिक रूट का निरीक्षण भी कर रही है।

Himachal Election: चुनाव आयोग से शिकायतें करने में कांग्रेस से आगे भाजपा, आरोप-प्रत्यारोप की जंग तेज

शिमला: हिमाचल प्रदेश में आरोप-प्रत्यारोप की जंग तेज हो गई है। आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर दोनों दल एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। अब तक राज्य निर्वाचन विभाग और केंद्रीय निर्वाचन आयोग को कांग्रेस के मुकाबले भाजपा ने अधिक संख्या में शिकायतें की हैं।  भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ 14 शिकायतें दर्ज करवाई हैं, जबकि कांग्रेस ने 4 शिकायतें की हैं। भाजपा की ओर से मंडी संसदीय सीट से प्रत्याशी कंगना रणौत की आपत्तिजनक तस्वीर, भुट्टो को कुट्टो और 15-15 करोड़ में जमीर बेचने के बयानों की शिकायत की गई है। जबकि कांग्रेस ने मंडी से प्रत्याशी विक्रमादित्य सिंह को छोटा पप्पू कहने पर शिकायत की है। राज्य निर्वाचन विभाग ने दो शिकायतें अग्रिम कार्रवाई के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग को भी भेजी हैं। भाजपा ने लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात प्रशासनिक अधिकारियों का चुनाव आचार संहिता लगने से पहले स्थानांतरण न करने को लेकर 25 मार्च, 9 और 14 अप्रैल को शिकायत दी है। आचार संहिता के दौरान सरकारी कर्मचारियों द्वारा पद के दुरुपयोग की दो शिकायतें दर्ज करवाई हैं। कांग्रेस ने केंद्रीय चुनाव आयोग को सरकारी रेस्ट हाउस, डाक बंगला और अन्य सरकारी आवासों में ठहरने की सुविधा सिर्फ सरकार की ओर से जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त राजनीतिक लोगों को ही देने के नियम को लेकर शिकायत की गई थी। पच्छाद कांग्रेस ने स्कूल ग्राउंड में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की मौजूदगी में राजनीतिक कार्यक्रम करने को लेकर भी शिकायत की है।  भाजपा नेताओं द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर राज्य निर्वाचन विभाग और केंद्रीय चुनाव आयोग को तथ्यों के साथ शिकायतें की जा रही हैं। प्रदेश में निष्पक्ष चुनाव आयोजित करने के लिए मनमानी पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।