शिमला : कर्नाटक विधानसभा चुनाव की थकान मिटाने शिमला पहुंची सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी भी बीती शाम को ही दिल्ली रवाना हो गईं। दोनों नेता एक सप्ताह से शिमला के छराबड़ा में ठहरे थे। यहां पर प्रियंका गांधी ने अपना घर बना रखा है। सोनिया और प्रियंका भी कर्नाटक सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं। शिमला दौरे के दौरान प्रियंका गांधी ने अपनी माता सोनिया गांधी के साथ फोटो भी शेयर की है।
Day: May 20, 2023
कर्नाटक के नए सीएम के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने बेंगलुरु पहुंचे सीएम सुक्खू
शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज कर्नाटक में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करेंगे। सीएम सुक्खू इसके लिए बीती शाम ही बेंगलुरु पहुंच गए। कर्नाटक कांग्रेस ने उन्हें मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण के लिए विशेष तौर पर आमंत्रित किया है।इससे पहले सुखविंदर सुक्खू ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बतौर स्टार प्रचारक दो दिन कैंपेन कर चुके हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने उन्हें कर्नाटक चुनाव के लिए स्टार कैंपेनर बनाया था। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के कई नेताओं के साथ प्रचार किया था। कर्नाटक में कांग्रेस ने प्रचंड बहुमत के साथ बीजेपी को सत्ता से बाहर किया है। आज दोपहर बाद सरकार का शपथ ग्रहण समारोह रखा गया है। इसमें शामिल होने के बाद सीएम सुक्खू शाम तक वापस शिमला लौटेंगे। जाहिर है कि आज मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता से नहीं मिल पाएंगे।
केंद्र सरकार के 9 साल का जश्न मनाने के लिए मंथन करेगी भाजपा
शिमला : केंद्र में मोदी सरकार के 9 साल पूरे करने के उपलक्ष्य पर भारतीय जनता पार्टी प्रदेशभर में जनसंपर्क अभियान चलाएगी। इसकी रणनीति आज शिमला में होने वाली भाजपा कार्य समिति की बैठक में बनेगी। इसमें पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन समेत प्रदेशभर के दिग्गज नेता भाग लेंगे।भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी बीजेपी सरकार 30 मई को 9 वर्ष पूरे कर रही है। इस अवसर पर राष्ट्रव्यापी महा जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल में भी एक महीने तक भाजपा नेता इस अभियान को घर-घर तक पहुंचाएंगे। इसकी तैयारियां 29 मई तक पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि 1 जून से 30 जून तक भाजपा नेता केंद्र सरकार की 9 साल की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाएगे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने की रणनीति कार्य समिति में विस्तृत चर्चा करके तैयार की जाएगी।
अटल टनल के आसपास गंदगीः हाईकोर्ट ने दिए सरकार को अपना पक्ष रखने के आदेश
शिमला : अटल टनल के आसपास कूड़ा कर्कट फैलाने से जुड़े मामले में प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने के आदेश जारी किए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह व न्यायाधीश विरेंदर सिंह की खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार ने जो भी कदम उठाए हैं वह पर्याप्त नहीं है। कोर्ट ने पिछली सुनवाई के पश्चात राज्य सरकार से अटल टनल क्षेत्र से कूड़े को हटाने बाबत मुहिम चलाने, कूड़ा कर्कट फैलाने वाले लोगों के खिलाफ जुर्माना लगाने के प्रावधानों की जानकारी व पिछले 1 साल में इकट्ठे किए गए जुर्माने की राशि का ब्यौरा,डस्टबिन स्थापित करने, पुरुषों और महिलाओं के लिए शोचालय स्थापित करने व क्षेत्र को साफ करने के लिए मॉनिटरिंग करने प्राबधानों की जानकारी मांगी थी। कोर्टमित्र अधिवक्ता विनोद ठाकुर की ओर से कोर्ट को बताया गया कि लोगों का लापरवाहपूर्ण, गैर जिम्मेदाराना रवैया, एक बारी कोई एक जगह पर कूड़ा फेंकता है तो दूसरे लोग भी यह सोचकर वहां कूड़ा फेंक देंगे कि उन्हें उस जगह पर कूड़ा फेंकने का लाइसेंस मिल गया है, डस्टबिन व ट्रैशबिन का अभाव भी इसका मुख्य कारण है।
और लोगों को तैनात करने की आवश्यकता
कोर्ट मित्र ने कोर्ट को यह सुझाव दिया कि इस समस्या के निदान के लिए और लोगों को तैनात करने की आवश्यकता है । जोकि क्षेत्र को साफ रखने में सहयोग करें व जुर्माना राशि को इकठा करें। सफाई रखने व कूड़ा हटाने के लिए काम ठेके पर देने के लिए निविदा आमंत्रित करने की आवश्यकता है। कूड़ा फैलाने से पर्यावरण को कितनी क्षति होगी इस बाबत जागरूकता फैलाना, केवल उन्हीं लोगों को उस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए स्वीकृति देना जिन्हें सक्षम अधिकारी द्वारा अधिकृत किया गया है। सीसीटीवी कैमरे लगाना, पब्लिक यूटिलिटी सर्विसेज मुहैया करवाना,प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लोगों को शिक्षित करना व पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन करना। वन विभाग द्वारा वन क्षेत्र से अवैध निर्माण हटाना व स्थानीय व्यवसायियों को यह एहसास दिलाना कि कूड़ा फैलाना केवल पर्यावरण के लिए नुकसानदायक ही नहीं बल्कि यह पर्यटकों के लिए भी चेतावनी है जोकि उनके आजीविका से जुड़ा हुआ प्रश्न है । कोर्ट ने कहा कि सभी आने जाने वाले वाहनों की जांच की जाए अगर किसी वाहन में भरी प्लास्टिक की बोतल इत्यादि जैसी सामग्री मिले तो उन्हें जब्त किया जाए और उन लोगों से 50 रुपए के हिसाब से सिक्योरिटी ली जाएं। खाली बोतल देने के पश्चात उन्हें 50 रुपए वापस कर दिए जाएं। मामले पर सुनवाई 31 मई 2023 को निर्धारित की गई है