शिमला: चंद रुपयों की कमाई के लिए लाइव स्ट्रीमिंग करना अब युवतियों के लिए भारी पड़ता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया और लाइव स्ट्रीमिंग एप्स पर प्रसारित होने वाले निजी वीडियो को दूसरे मोबाइल या डिवाइस से रिकॉर्ड कर उन्हें वयस्क सामग्री (Adult Content) वाली वेबसाइटों पर अपलोड किए जाने के कई मामले सामने आए हैं। अकेले साइबर क्राइम सेल शिमला के पास पिछले दो महीनों में ऐसी पांच शिकायतें पहुंची हैं, जिनमें युवतियों ने बिना अनुमति के उनके वीडियो रिकॉर्ड कर अलग-अलग साइट्स पर डालने का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, कई पीड़िताओं को महीनों या वर्षों बाद इसकी भनक लगती है, जिससे उन्हें गंभीर मानसिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई एप्स पर इन-बिल्ट रिकॉर्डिंग का विकल्प न होने के बावजूद बाहरी उपकरणों के जरिए स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर इस प्रकार का दुरुपयोग किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम सेल ने संबंधित वेबसाइटों से ऐसे वीडियो हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एसपी साइबर क्राइम अमित यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस शिकायतों की गहन जांच कर रही है। उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं को सलाह दी है कि लाइव स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय अपनी निजता (Privacy) का विशेष ध्यान रखें। किसी भी लालच या दबाव में आकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या निजी सामग्री साझा न करें। यदि किसी को वीडियो प्रसारित करने की धमकी मिलती है, तो वह घबराने के बजाय डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखे और तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या पुलिस से संपर्क करें।





