शिमला: सिरमौर जिले में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां नयागांव हाई स्कूल में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बिशन दत्त को कागजों में 60 के बजाय 58 साल की उम्र में ही रिटायर्ड दर्शा दिया गया। कर्मचारी स्कूल में नियमित ड्यूटी दे रहा है, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड में रिटायरमेंट दर्ज होने के कारण उसे अगस्त और सितंबर महीने का वेतन नहीं मिला, जिससे उसका परिवार आर्थिक संकट में आ गया है। वर्ष 1997 में जलवाहक के रूप में भर्ती हुए बिशन दत्त के अनुसार उनकी सेवानिवृत्ति 2028 में होनी तय है। जब वेतन न मिलने पर उन्होंने पड़ताल की, तो ट्रेजरी रिकॉर्ड से इस भारी लिपिकीय त्रुटि (Clerical Error) का खुलासा हुआ। सरकारी नियमानुसार 10 मई 2001 से पहले नियुक्त पात्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष प्रावधानित है, जिसके तहत बिशन दत्त सेवा जारी रखने के हकदार हैं। इस गड़बड़ी के अलावा संबंधित क्लोह कैंपस के अन्य कर्मचारियों को भी सितंबर का वेतन न मिलने से विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिरमौर के उच्च शिक्षा उपनिदेशक मदन लाल ने गहन जांच के आदेश दिए हैं और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों या कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।





