लाइव हिमाचल/सोलन: हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शमरोड़, नौणी, सोलन में नशा मुक्ति एवं करियर मार्गदर्शन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छठी से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के अलावा विद्यालय के शिक्षक, स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य तथा अभिभावकों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त इतिहास प्रोफेसर प्रो. जी.डी. गुलाटी ने विद्यार्थियों को नशे के इतिहास और इसके बढ़ते दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों का प्रयोग कोई नई समस्या नहीं है, लेकिन वर्तमान समय में नशे का बढ़ता प्रचलन समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच विद्यार्थियों को सही और गलत के बीच अंतर समझने तथा अंधविश्वासों से दूर रहने में मदद करती है। यह कार्यक्रम में बाहरा विश्वविद्यालय, वाकनाघाट के खेल प्रमुख, वर्ल्ड चैंपियन किक बॉक्सर एवं कॉम्बैट स्पोर्ट्स विशेषज्ञ अमीर साहिल ने विद्यार्थियों को नशे की समस्या से बचाव में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, एकाग्रता और सकारात्मक सोच भी विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे की किसी भी पेशकश को दृढ़ता से ‘न’ कहने के लिए प्रेरित किया तथा ऐसी परिस्थितियों से निपटने के व्यावहारिक सुझाव भी दिए।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने खाली समय का सदुपयोग खेलकूद, पढ़ाई और रचनात्मक गतिविधियों में करें। उन्होंने कहा कि यदि युवा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएंगे तो वे नशे जैसी बुराइयों से काफी हद तक दूर रह सकते हैं।
हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति, सोलन के अध्यक्ष डॉ. बी.एस. पंवार ने विद्यार्थियों को करियर संबंधी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना सफलता की पहली सीढ़ी है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार लक्ष्य तय कर उसे प्राप्त करने के लिए पूरी मेहनत और लगन से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस विद्यार्थी के जीवन में स्पष्ट लक्ष्य होता है, वह अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाता है और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने की संभावना अधिक रहती है। डॉ. बी एस पंवार ने विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी लेने, अपनी क्षमता को पहचानने और भविष्य की योजनाओं के लिए अभी से तैयारी शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। वहीं विद्यालय की प्रधानाचार्य दीपा शर्मा ने कार्यक्रम में पहुंचे तीनों वक्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए नशा मुक्ति, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और करियर मार्गदर्शन जैसे विषयों पर इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम बेहद उपयोगी हैं। उन्होंने हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति का विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए धन्यवाद किया। इस कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने वक्ताओं से विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की और अपने भविष्य तथा नशे से बचाव को लेकर सवाल भी पूछे। जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करवाने के साथ-साथ उन्हें सकारात्मक सोच, खेलकूद और लक्ष्य आधारित जीवन के लिए प्रेरित करना रहा।




