शिमला: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक सिरफिरा शख्स बैग में दराट और हाथ में दोनाली बंदूक लहराते हुए सीधे कोर्ट रूम के बाहर पहुंच गया। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के बीच हुई इस खौफनाक वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी पुलिस को देखकर तैश में आ गया, बंदूक लोड की और चिल्लाने लगा—’शूट कर दूंगा!’ जिस वक्त यह सब हुआ, सत्र न्यायाधीश अपने चैंबर में ही मौजूद थे। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद डीएसपी हरीश गुलेरिया, उनके पीएसओ और वहां तैनात मुस्तैद जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर, एक महिला की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को दबोच लिया। इस गंभीर सुरक्षा चूक पर कोर्ट ने कड़ा संज्ञान लेते हुए जिला पुलिस से जवाब-तलब किया है। आनन-फानन में पुलिस ने कोर्ट परिसर के गेट पर मेटल डिटेक्टर तो लगा दिया है, लेकिन इस घटना ने अदालत की सुरक्षा पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दौरान हाथापाई में पुलिस कर्मियों की र्वदी और आरोपी के कपड़े तक फट गए। मौके पर मौजूद मक्कड़ पंचायत निवासी महिला निशा ठाकुर ने भी बीच-बचाव कर पुलिस की मदद की, जिसमें उन्हें भी चोटें आईं। बाद में पुलिस ने उनका मेडिकल करवाया। उसकी पहचान पूर्व सैनिक रमन निवासी भोरंज के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रमन का एक मामला हमीरपुर कोर्ट में विचाराधीन है। हालांकि सोमवार को उस केस की सुनवाई निर्धारित नहीं थी। ऐसे में वह अदालत परिसर में हथियार लेकर क्यों पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है।





