दिल्ली : दिल्ली में डीडीयू मार्ग स्थित बीजेपी मुख्यालय और सरकारी दफ्तरों पर आतंकी हमले का इनपुट मिला है. सूत्रों के मुताबिक, आत्मघाती हमलावर, कार बम या आईईडी से निशाना बनाया जा सकता है. अलर्ट जारी होते ही पूरे इलाके में दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात कर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। आशंका जताई गई है कि आतंकी संगठन दिल्ली बीजेपी कार्यालय और सरकारी संस्थानों को निशाना बना सकते हैं. इसके लिए सुसाइड बॉम्बर, कार बम, शूटआउट और आईईडी प्लांट जैसी साजिशों का इस्तेमाल किया जा सकता है. संभावित खतरे को देखते हुए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. दिल्ली पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। डीडीयू मार्ग पर विशेष चौकसी बरती जा रही है। प्रवेश और निकास बिंदुओं पर कड़ी जांच की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
दिल्ली में कब-कब हुए आतंकी हमले
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- बता दें कि देश की राजधानी पहले भी आतंकियों के निशाने पर रही है. 13 दिसंबर 2001 को आतंकियों ने लोकतंत्र के सबसे बड़े प्रतीक संसद भवन पर हमला किया था. विस्फोटकों और ऑटोमैटिक हथियारों लैस आतंकी संसद परिसर में घुस गए थे. इस हमले में सुरक्षाकर्मियों समेत कई लोगों की जान गई थी. सुरक्षाबलों ने सभी आतंकियों को मार गिराया था.
- इसके बाद साल 2005 में दिवाली और ईद से ठीक पहले सरोजिनी नगर, पहाड़गंज और गोविंदपुरी में सीरियल ब्लास्ट हुए थे. इन ब्लास्ट में कई लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे. फिर साल 2011 में दिल्ली हाई कोर्ट के गेट नंबर 5 के बाहर बड़ा ब्लास्ट हुआ था. ये हमला उस वक्त हुआ था जब सुबह अदालत में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.
इससे एक साल पहले 2010 में आतंकियों ने जामा मस्जिद के पास गोलीबारी की थी. इस हमले में विदेशी नागरिक घायल हुए थे. वहीं, 2008 में दिल्ली के कनॉट प्लेस, करोल बाग, ग्रेटर कैलाश जैसे इलाकों में एक के बाद एक धमाके हुए थे. इन धमाकों में कई लोगों की मौत हुई थी. इन घटनाओं के साथ ही बीते सालदिल्ली में लाल किला के पास 10 नवंबर की शाम कार में धमाका हुआ था. जब ये धमाका हुआ तब आसपास और भी वाहन थे जो इसकी चपेट में आ गए. धमाका इतना भीषण था कि कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा. आसपास मौजूद कई लोगों की जान चली गई.





