लाइव हिमाचल/बद्दी: हिमाचल प्रदेश दवा नियंत्रण प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के काठा गांव स्थित एक फार्मा कंपनी का लाइसेंस रद्द कर दिया है। विभागीय जांच में यह पाया गया कि कंपनी ने मार्च 2025 में जारी ‘स्टॉप मैन्युफैक्चरिंग ऑर्डर’ की अवहेलना करते हुए चोरी-छिपे उत्पादन जारी रखा था। आदेशों की इस खुली अनदेखी और जनस्वास्थ्य के साथ लापरवाही को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने यूनिट के दोनों निर्माण लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब राजस्थान दवा नियंत्रण प्रशासन ने ‘लेवोसेटिरीजीन टैबलेट्स’ के फेल सैंपल की रिपोर्ट साझा की। यह दवा श्विनसेट.एल ब्रांड नाम से बाजार में बिक रही थी और इसका निर्माण बद्दी की फार्मा कंपनी द्वारा किया गया था। ड्रग विभाग के समक्ष मामला सामने आने के बाद उल्लंघन के लिए फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जांच करने पर फर्म द्वारा दिया उत्तर असंतोषजनक पाया गया। इसके बाद नियामक प्राधिकरण ने कार्रवाई की।
निर्देशों के उल्लंघन पर की गई कार्रवाई : कपूर
राज्य दवा नियंत्रक डा. मनीष कपूर ने बताया कि फर्म द्वारा नियामक निर्देशों का लगातार पालन न करने और उनके उल्लंघन पर यह कार्रवाई की गई। जांच पूरी होने पर अपराध के लिए जिम्मेदार पाए लोगों पर कानून के तहत उचित कार्रवाई शुरू की जाएगी। फिलहाल उद्योग में अब सभी तरह की दवाओं के उत्पादन पर रोक लगा दी है।





