हिमाचल प्रदेश में उद्योगों के लिए नई औद्योगिक नीति लाई जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि नई नीति में उद्योगों को कई प्रकार के इंसेंटिव दिए जाएंगे। छोटे सीमेंट प्लांटों को रियायती दरों पर बिजली दी जाएगी। साथ ही नई नीति को और प्रभावी बनाने के लिए सभी विधायकों से भी सुझाव लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व सरकार के समय दिए गए कस्टमाइज पैकेज की आड़ में प्रदेश की संपदा लुटाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
हिमाचल में नई औद्योगिक नीति बनेगी
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने औद्योगिक नीति के नाम पर कई कंपनियों को मनमाने तरीके से रियायतें दीं। उन्होंने विधानसभा में ब्योरा रखते हुए बताया कि वर्ष 2021 में किण्वन फार्मा लिमिटेड कंपनी को नालागढ़ में 300 बीघा जमीन सिर्फ एक रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर पर दी गई। इसी तरह, एसएमपीपी एमूनीशन प्राइवेट लिमिटेड को 800 एकड़ भूमि प्रदान की गई, जबकि इंडो फार्म प्राइवेट लिमिटेड को 30 एकड़ जमीन दी गई। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी जमीन एक ही कंपनी को देने में भ्रष्टाचार की बू आती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन कंपनियों को जमीन के साथ-साथ अतिरिक्त सुविधाएं भी दी गईं। उन्हें स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत की छूट दी गई, जिसके कारण सरकार को रजिस्ट्री से एक भी रुपया नहीं मिला। साथ ही, कंपनियों को तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली, फ्री पानी और वेयरहाउस की सुविधा भी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि कस्टमाइज पैकेज के नाम पर यह सब प्रदेश की संपदा लुटाने जैसा है और इसमें शामिल लोगों पर कार्रवाई तय है।





