शिमला: हिमाचल प्रदेश की ग्राम पंचायतों में लंबे समय से अटके विकास कार्य अब रफ्तार पकड़ेंगे। केंद्र सरकार ने पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 122.8 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी की है। इसमें 17.20 करोड़ रुपये पहली किस्त के रूप में और 105.60 करोड़ रुपये दूसरी किस्त के रूप में शामिल हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार को केंद्र से राशि प्राप्त होने के दस कार्य दिवसों के भीतर यह धनराशि संबंधित स्थानीय निकायों को स्थानांतरित करनी होगी। देरी की स्थिति में राज्य सरकार को ब्याज सहित भुगतान करना होगा। इस अनुदान का वितरण 2011 की जनगणना के अनुसार 90% वजन जनसंख्या और 10% वजन क्षेत्रफल के आधार पर होगा। धनराशि का उपयोग स्वच्छता, खुले में शौच मुक्त स्थिति बनाए रखने, पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन आदि कार्यों में किया जाएगा। जहां संभव हो, इन निधियों का आधा-आधा हिस्सा स्वच्छता और पेयजल सेवाओं पर खर्च करने का निर्देश है, हालांकि जरूरत पूरी होने पर इसे अन्य श्रेणी में भी स्थानांतरित किया जा सकता है।




