



शिमला: हिमाचल प्रदेश में मॉनसून का तांडव जारी है। बीती रात राज्य के विभिन्न हिस्सों में पांच स्थानों पर बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई। कुल्लू, किन्नौर, लाहौल स्पीति और शिमला व कुल्लु जिला के सीमावर्ती इलाकों में बादल फटने से कई पुल बह गए, वाहन बह गए, मकान व दुकानें क्षतिग्रस्त हुईं और सार्वजनिक व निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। गनीमत रही कि इन घटनाओं में किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन ने खतरे वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण दो नेशनल हाईवे सहित 300 से ज्यादा सड़कें यातायात के लिए बंद करनी पड़ी हैं।
भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने आज भी चम्बा, कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं कुल्लू जिला के बंजार, मंडी जिला के गोहर और ऊना जिले में सभी शिक्षण संस्थान आज बंद रखे गए हैं। कुल्लू जिला के बंजार घाटी के बठाहड़ में कल शाम बादल फटने से आई बाढ़ में कई घरों को नुकसान हुआ। बंजार के टिल्ला और दोगड़ा पुलिया क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि पांच गाड़ियां बह गईं। चार कॉटेज भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन ने आज शिमला जिले के जुब्बल उपमण्डल और बंजार उपमंडल में सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखने के आदेश दिए हैं। जिला के निरमण्ड उपमंडल में कुरपन खड्ड उफान पर है, जिसके चलते बागी पुल बाजार खाली करवा लिया गया है। तीर्थन घाटी और बागीपुल के पास भी खतरे वाले सभी क्षेत्रों को खाली कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। जनजातीय जिला किन्नौर के सीमावर्ती क्षेत्र ऋषि डोगरी घाटी के ऊपरी हिस्से में बादल फटने से आई बाढ़ ने सतलुज नदी पर बने पुल को बहा दिया। इस घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया है। होजो लुंगपा नाले में बाढ़ आने से सीपीडब्ल्यूडी के तहत गंगथांग-ब्रालाम की ओर चल रहा सड़क निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। पूह गांव की उठाऊं पेयजल योजना को नुकसान पहुंचा है और एक निजी कंपनी का परिसर जलमग्न हो गया। सतलुज नदी में पानी और मलबा बढ़ने से करछम वांगतु नाथपा बांध के द्वार खोल दिए गए हैं। भारी बारिश के चलते पागल नाला, नाथपा और निगुलसरी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया है। इसी तरह जनजातीय जिला लाहौल स्पीति की मयाड़ घाटी में बादल फटने से आई बाढ़ से करपट गांव खतरे की जद में आ गया। प्रशासन ने गांव के करीब दो दर्जन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है। शिमला जिले के कुल्लू से सटे सीमावर्ती रामपुर उपमंडल के पंद्रह बीस क्षेत्र की नंटी खड्ड में पहाड़ों पर बादल फटने से आई बाढ़ में चार पुल, दो मकान, पांच दुकानें, दो शेड, सेब के बगीचे और कृषि भूमि बह गई। सात मकानों, पांच दुकानों, सात शेड और एक छोटे बिजली प्रोजेक्ट को भी नुकसान हुआ है। खड्ड में एक एंबुलेंस और एचआरटीसी की बस फंस गई है, जबकि तीन पंचायतों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। इस बीच भारी वर्षा के मददेनजर प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के नजदीक न जाएं और अनावश्यक यात्रा से बचें। मौसम विभाग ने आगमी 19 अगस्त तक भारी वर्षा की चेतावनी दी है। भाषा की रिपोर्ट के अनुसा, हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण दो नेशनल हाईवे सहित कुल 325 सड़कें यातायात के लिए बंद करनी पड़ी हैं। स्थानीय मौसम विभाग ने गुरुवार को राज्य के तीन जिलों चंबा, कांगड़ा और मंडी में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना के मद्देनजर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। विभाग ने शुक्रवार से रविवार तक के लिए चार से छह जिलों के अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।