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इंटरनेशनल टेनिस खिलाड़ी की पिता ने हत्या की: हरियाणा में मां के जन्मदिन पर 4 गोलियां मारीं…

कहते हैं बेटियां बाप को बड़ी प्यारी होती हैं। पिता बेटों से ज्यादा बेटियों से लाड लगाते हैं। लेकिन राधिका के पिता के सिर पर कौन सा खून सवार था कि बेटी को गोली मारने से पहले एक बार भी हाथ नहीं कांपे होंगे। यही सवाल है कि क्या एक पिता छोटी सी बात पर बेटी की हत्या कर सकता है। राधिका यादव अभी तक 18 गोल्ड मेडल जीत चुकी थीं लेकिन, उसे क्या पता था कि उसके पिता ही उसके सपनों को चकनाचूर कर देंगे। 10 जुलाई को राधिका घर पर खाना बना रही थी, इसी दौरान उसके पिता ने पीछे से गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी। हरियाणा की होनहार टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। एक बेटी जिसने मेहनत से नाम कमाया, उसे उसी के पिता ने पांच गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस दर्दनाक वारदात के बाद एक ओर आरोपी पिता गिरफ्तार हो चुका है, तो दूसरी ओर राधिका की मां अब तक गुरुग्राम पुलिस को लिखित बयान देने से भी कतरा रही हैं। अब सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई एक बाप अपनी बेटी से इतना नाराज़ हो सकता है कि वह उसकी जान ले ले? और अगर हां, तो उस नफरत की जड़ क्या थी? समाज का दबाव, कमाई की कुंठा या फिर एक लड़की का आत्मनिर्भर होना? इस हत्याकांड के पीछे की परतें धीरे- धीरे खुलती जा रही हैं। हरियाणा के गुरुग्राम में जूनियर इंटरनेशनल टेनिस प्लेयर राधिका यादव (25) की उसके ही पिता दीपक यादव ने गोली मारकर हत्या कर दी। दीपक ने पिस्टल से कुल 5 गोलियां चलाईं, जिसमें एक कंधे पर और 3 पीठ में लगीं। वहीं एक फायर मिस हुआ। राधिका बचने के लिए भागी भी थीं। सेक्टर 57 में प्राइवेट एजेंसी के सिक्योरिटी गार्ड प्यारे लाल ने बताया कि राधिका की हत्या के बाद आरोपी पिता बाहर आया और कहा- मैंने बेटी को मार दिया। राधिका की मां का कल जन्मदिन था। घटना गुरुवार की है। पुलिस ने आरोपी दीपक यादव को घर से ही अरेस्ट किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि राधिका टेनिस एकेडमी चलाती थीं, उससे अच्छी कमाई हो रही थी। उसके पिता को लोग ताने मारते थे कि बेटी की कमाई खा रहा है। इससे वह नाराज था।

परिजन के मुताबिक राधिका को टेनिस एकेडमी खोलने के लिए पिता ने ही सवा करोड़ रुपए दिए थे। लेकिन महीनेभर बाद ही एकेडमी बंद करने के लिए बेटी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था।

परिवार से यह भी पता चला कि एकेडमी को लेकर 15 दिन से बाप-बेटी में रोजाना झगड़ा हो रहा था। गुरुवार को भी पिता ने उसे टेनिस एकेडमी बंद करने को कहा, लेकिन राधिका नहीं मानी और दोनों में बहस हुई। जिसके बाद आरोपी पिता ने गुस्से में आकर उसे गोलियां मार दीं। हालांकि, पहले सोशल मीडिया पर रील बनाने को लेकर हत्या करने की बात सामने आई थी, लेकिन पुलिस ने इससे इनकार किया है। पुलिस ने आरोपी पिता को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। गुरुग्राम के सिविल अस्पताल में राधिका के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। 3 डॉक्टरों के बोर्ड ने एक गोली पीठ और 3 छाती से निकालीं। उसकी आंत और दिल डैमेज था। शाम को परिवार ने राधिका का अंतिम संस्कार कर दिया। आरोपी दीपक के भाई कुलदीप यादव ने FIR दर्ज कराई है। कुलदीप ने कहा कि वजीराबाद गांव में​ स्थित घर की पहली मंजिल पर दीपक, उसकी पत्नी मंजू और बेटी राधिका रहते थे, जबकि मैं अपने परिवार के साथ ग्राउंड फ्लोर पर रहता हूं।गुरुवार सुबह दीपक का राधिका के साथ एकेडमी बंद करने को लेकर विवाद हुआ। जब राधिका किचन में खाना बना रही थी, उसी वक्त दीपक ने पीछे से उसे अपनी लाइसेंसी पिस्टल से 3 गोलियां मार दीं। रसोई में खून से लथपथ पड़ी थी राधिका कुलदीप ने कहा कि सुबह के समय मैं ग्राउंड फ्लोर पर था। मैंने तेज आवाज सुनी और जब मैं पहली मंजिल पर गया तो राधिका को रसोई में खून से लथपथ पड़े पाया। पिस्टल ड्राइंग रूम में पड़ी थी। मैं और मेरा बेटा उसे एशिया मैरिंगो अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।मर्डर के बाद वहीं बैठा रहा पिता कुलदीप ने कहा कि मेरे भाई ने पाॅइंट थ्री टू बोर की पिस्टल का इस्तेमाल किया और वह उसी की थी, जिसका लाइसेंस भी है। राधिका किचन में खून से लथपथ पड़ी थी और दीपक भी पास में बैठा था। पुलिस ने वहीं से दीपक को हिरासत में ले लिया। मां बोली- मैं घटना के वक्त घर पर नहीं थी राधिका की मां मंजू यादव ने पुलिस को बताया कि घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं थीं। उन्हें बुखार था। हालांकि राधिका के चाचा कुलदीप का कहना है कि फायरिंग के वक्त राधिका की मां घर की पहली मंजिल पर मौजूद थी।

अब पिता की जुबानी, हत्या की पूरी कहानी..

  • बेटी राधिका यादव बड़ी खिलाड़ी थी: सेक्टर थाना 57 के प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि आरोपी दीपक बिल्डर है। फ्लैट बनाकर किराए पर देता है। पूछताछ में दीपक ने कहा कि राधिका बड़ी खिलाड़ी थी। नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर कई पदक जीत चुकी थी। इस बात पर पूरे परिवार को गर्व था। मैं भी बेटी राधिका पर गर्व करता था।
  • कंधे में चोट लगी तो टेनिस एकेडमी खोल ली: दीपक ने कह कि करीब 3 माह पहले राधिका के कंधे में चोट लग गई थी। यह चोट टेनिस खेलते वक्त ही लगी थी। उन्होंने डॉक्टर से इलाज कराया। चोट से तो आराम मिल गया, लेकिन बेटी ने टेनिस खेलना छोड़ दिया। इसके बाद राधिका ने अपनी एकेडमी खोल ली, जहां वह लड़के-लड़कियों को टेनिस सिखाती थीं।
  • लोग मारते थे ताना, बेटी की कमाई खा रहा है: दीपक ने आगे कहा कि जब मैं दूध लेने जाता था तो लोग ताना मारते थे। कहते थे तेरी बेटी तो बढ़िया पैसा कमा रही है। तेरे मजे हैं, तू बेटी की कमाई खा रहा है। मजे हैं तेरे और तेरे परिवार के। लोगों की यह बात मुझे चुभती थी। मैंने कई बार इस बारे में राधिका से भी बात की थी।
  • बेटी को खेल छोड़ने के लिए कहा, नहीं मानी: दीपक ने कहा कि लोगों के ताने सुन-सुनकर मैं परेशान हो गया था। मैंने राधिका से कहा था कि ये एकेडमी बंद कर दे। हमारा परिवार संपन्न है, कोई दिक्कत नहीं होगी। इस पर राधिका ने कहा था कि लोग क्या कहते हैं, मुझे इसकी परवाह नहीं है। खेल ने उसका करियर बनाया है, तो इससे पैसा कमाना कौन सी बुरी बात है।
  • गुरुवार को भी समझाया, नहीं मानी तो गोली मार दी: दीपक ने आगे कहा कि गुरुवार को भी मैंने राधिका से एकेडमी न जाने के लिए कहा था, मगर वह नहीं मानी। मुझसे झगड़ने लगी। लोगों के तानों की वजह से मैं काफी परेशान हो चुका था। ऐसे में जब बेटी नहीं मानी तो अपनी लाइसेंसी पिस्टल से उसे गोली मार दी।

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